मेंहदावल(संतकबीरनगर)। मेंहदावल नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा मिलने में फिर पेंच फं स गया है। इस बार प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने अधूरा करार देते हुए दोबारा भेजने का निर्देश दिया है।
2017 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता बदलने और क्षेत्रीय विधायक राकेश सिंह बघेल की पहल पर मेंहदावल नगर पंचायत को नगर पालिका/विस्तार के लिए मुख्यमंत्री को पत्र सौंपा गया था। जिसके क्रम में नगर विकास विभाग ने डीएम के माध्यम से विस्तार/नगर पालिका से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश जारी हुआ था। उसी क्रम में तहसील प्रशासन ने 34 गांवों को जोड़ते हुए नगर पालिका का दर्जा दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव डीएम को प्रेषित किया था। डीएम द्वारा 30 जून 2017 को भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने अधूरा बताया गया। नगर विकास विभाग के अनुसचिव अनिल कुमार वाजपेयी ने 01 अगस्त 2017 को डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि नगर पंचायत मेंहदावल को नगर पालिका परिषद बनाए जाने हेतु प्रस्ताव 10 नवंबर 2014 व तत्क्रम में निर्गत संशोधित शासनादेश 30 जनवरी 2015 में उल्लिखित नवीन मापदंडों के अनुरूप जनसंख्या आय एवं जनसंख्या घनत्व के मानक पूर्ण नही हैं। ऐसे में नगर पंचायत मेंहदावल को नगर पालिका परिषद बनाए जाने हेतु अनुसूची-2 की सूचना हार्ड एवं साफ्ट कापी में जनसंख्या, आय व जनसंख्या घनत्व के मानक के शिथिलीकरण हेतु स्पष्ट आख्या/प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराएं। ऐसे में एक बार फिर नगर पालिका बनाए जाने का प्रस्ताव अधर में लटक गया। वहीं दूसरी तरफ नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान भी नगर पालिका के विरोध में खडे़ हैं। डीएम ने बताया कि शासन को दुबारा संशोधित प्रस्ताव भेजवाया जाएगा।