संतकबीरनगर। एसपी की स्पेशल टीम ने गुरुवार रात में डीघाबाईपास के पास से नकली शराब बेचने वाले गिरोह के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। इस शख्स के पास से बरामद कार में ब्रांडेड कंपनियों के स्टिकर, ढक्कन, आबकारी के रैपर और 20 लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल मिला।
सीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि एसएसटी टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज त्रिपाठी ने सूचना के आधार पर अपनी टीम के साथ डीघाबाईपास के पास एक कार रोक कर तलाशी ली। इस कार की सीट पर डिक्की में मैक डावेल, ब्लंडर प्राइड और रायल स्टेग आदि कंपनियों के 73530 ढक्कन, 7040 आबकारी विभाग के रैपर, झमू देशी शराब के 43500 स्टिकर, रायल स्टेग के 920, मैक डावेल 950, सफेद काक के 10000 स्टिकर बरामद हुए। इसके साथ ही 20 लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल और बोतल बरामद हुईं। पकड़े गए शख्स की पहचान राजकुमार चौरसिया उर्फ राजू पुत्र शिवलाल निवासी औरंगाबाद थाना चेतगंज (वाराणसी) के रूप में हुई।
उसने बताया कि वह अपने सहयोगी प्रमोद प्रजापति के साथ मिलकर नकली शराब बेचने का धंधा करता है। एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल के सहारे नकली शराब तैयार कर ब्रांडेड कंपनियों के ढक्कन, रैंपर, स्टैंप आदि का प्रयोग करके इसे लाइसेंसी शराब की दुकानों पर बेचा जाता है।
पूर्व पकड़े गए आरोपी की महुली क्षेत्र के घोरहट में शराब की लाइसेंसी दुकान भी थी। आबकारी टीम की छापेमारी में अवैध शराब मिलने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। आरोपी ने जिले की कई दुकानों के नाम बताए जहां पर ये लोग नकली शराब की सप्लाई करते हैं। सूत्रों की माने तो पूछताछ में उसने लखनऊ के पिंटू नाम के युवक को गैंग का सरगना बताया है।
जिले में पहले भी पकड़ी गई है डुप्लीकेट शराब : डुप्लीकेट शराब के धंधे के खुलासे का यह पहला मामला नहीं है। करीब चार साल पूर्व इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित पुराने एसपी कार्यालय के पास भी नकली शराब का कारखाना पकड़ा गया था। उस दौरान यह बात सामने आई थी कि असली बोतल में नकली शराब पैक करके बेची जाती है। बखिरा क्षेत्र के एक गांव के पास बंद राइस मिल में यह अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई थी।
जिला आबकारी अधिकारी रामशंकर सिंह बताते है कि वर्ष 2016 में घोरहट के लाइसेंसी रहे पकड़े गए राजकुमार चौरसिया उर्फ राजू की दुकान से 26 लाख की नकली शराब पकड़ी गई थी। उसके बाद उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था।
जमुअरिया में लाइसेंसी दुकान से, मेंहदूपार में लाइसेंसी दुकान से हरैया के लाइसेंसी के घर से और धनघटा स्थित एक लाइसेंस दुकान से डुप्लीकेट शराब बरामद की गई था। तीनों तहसीलों में नियुक्त आबकारी इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए है कि वह नियमित जांच करें और किसी भी लाइसेंसी दुकान से डुप्लीकेट शराब की विक्त्रस्ी नहीं होने पाए।