गोरखपुर में मेट्रो ट्रेन के चलने का खाका तैयार होने लगा है। जमीन के अंदर 80 से 130 फीट नीचे मेट्रो चलाई जाएगी। गोलघर, गोरखनाथ, मोहद्दीपुर जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जमीन के 130 फीट नीचे मेट्रो की पटरी बिछेगी तो खुले इलाके में करीब 80 फीट नीचे। शहर के 70 वार्ड के अलावा गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले 70 गांवों की करीब 14 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर योजना तैयार की जा रही है।
मेट्रो की कार्यदायी संस्था राइट्स के लिए ट्रैफिक एवं ट्रेवल सर्वे करने वाली एजेंसी श्वेता टेक्नोफाइल ने शहर के 70 वार्डों में सर्वे पूरा कर लिया है, जबकि जीडीए के अंतर्गत आने वाले गांवों का सर्वे अंतिम चरण में है। दो से तीन दिन में सर्वे पूरा हो जाएगा। तीन जुलाई को रिपोर्ट राइट्स के अलावा जीडीए को दी जानी है, जिनके मार्फत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। श्वेता टेक्नोफाइल के कोऑर्डिनेटर वीपी सिंह ने बताया कि सर्वे में विभिन्न इलाकों में लोगों, गाड़ियों, साइकिल सवारों की संख्या, आवागमन आदि की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके आधार पर स्टेशनों के स्थान, फुटओवर ब्रिज के स्थान, मेट्रो ट्रेन के आवागमन का रूट आदि के संबंध में सुझाव दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत गोरखनाथ से बरगदवां तक जमीन से ऊपर मेट्रो चलाने का सुझाव है। वहीं गोलघर, रेलवे स्टेशन, अलीनगर आदि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जमीन के नीचे मेट्रो चलाई जाएगी।
इन योजनाओं पर भी होगा काम
- 13,85,023 की आबादी को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है योजना
- ग्रामीण इलाकों से मेट्रो स्टेशन तक के लिए चलेगी एसी बस
- शहर की कॉलोनियों और गलियों से स्टेशन तक ई-रिक्शा चलेगा
- घनी आबादी वाले इलाकों में फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे
- साइकिल ट्रैक के अलावा फुटपाथ का भी निर्माण होगा
सर्वे एजेंसी ने पार्षदों के साथ की बैठक
गोरखपुर। मेट्रो परियोजना के तहत श्वेता टेक्नोफाइल के कोऑर्डिनेटर वीपी सिंह ने पार्षदों के साथ बैठक की और सर्वे के अलावा मेट्रो परियोजना के संबंध में जानकारी दी। बताया कि काम शुरू होने के बाद लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। नई तकनीक से मेट्रो रूट की खुदाई होगी। सड़क पर कहीं भी मिट्टी जमा नहीं की जाएगी। यातायात भी बाधित नहीं होगा। सर्वे रिपोर्ट करीब-करीब पूरी हो चुकी है। उन्होंने पार्षदों से सुझाव भी मांगा। इस दौरान रमेश प्रताप गुप्ता, रणंजय सिंह जुगनू, राजेश जायसवाल, जितेंद्र सैनी, श्रवण पटेल, ऋषि मोहन वर्मा, रवींद्र प्रताप सिंह ‘राजू’, सुजीत कुमार आदि मौजूद थे।