गोरखपुर। राज्य कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने में सरकार के टालमटोल रवैये के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा बुधवार को कोषागार परिसर में विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक में फूट पड़ा। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबित मांगों पर सरकार आनाकानी कर रही है, जिस कारण कर्मचारियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों ने छह जुलाई को रानी लक्ष्मीबाई पार्क में धरना देने का एलान किया।
बैठक की अध्यक्षता करते अध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि उनकी मागों में राज्य कर्मियों का उत्पीड़न बंद करना, वर्षों से लंबित स्वीकृत मांगों का निस्तारण करना, शासनादेश जारी करना, केंद्र की भांति जनवरी 2017 से दो प्रतिशत डीए की घोषणा करना, संगठन पर चर्चा तथा स्थानीय समस्याओं का निस्तारण करना आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार में कर्मचारियों का उत्पीड़न बढ़ा है। पूर्व में आंदोलन के दौरान सरकार ने प्रांतीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी के साथ वचनबद्धता दिखाई थी और मुख्यमंत्री ने भी गोरखपुर आने पर उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया था। बावजूद इसके मांगें पूरी नहीं की गईं। सरकार सबका साथ-सबका विकास की बात तो करती है, लेकिन कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। बैठक में अश्विनी श्रीवास्तव, अरुण द्विवेदी, नुजरत हुसैन, अनूप कुमार, हरि मोहन, फूल चंद, रवींद्र द्विवेदी आदि मौजूद थे।