अभिभावकों से वाहन के नाम पर मोटी रकम लेने वाले स्कूल संचालक बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं तभी तो परिवहन विभाग के अधिकारियों के आदेश के बाद भी जिले में 77 स्कूली बसें बिना फिटनेस कराए चल रही हैं। इसकी रिपोर्ट सामने आने के बाद आरटीओ प्रवर्तन ने चेकिंग टीम को बसों को चिह्नित कर सीज करने का आदेश दिया है।
जिले में वर्तमान समय में 830 बसें स्कूलों के नाम पर दर्ज हैं। डीएम ओएन सिंह के स्कूल बसों की सेहत की रिपोर्ट एआरटीओ प्रवर्तन से मांगी थी। रिपोर्ट में जिले में 117 ऐसी बसें पाई गई थीं, जिनकी फिटनेस फेल हो गई थी। इसके बाद हड़कंप मच गया था। परिवहन विभाग की चेकिंग टीम ने अभियान चलाकर छह बसों को सीज करने के साथ ही दस का चालान कर दिया था। इसके बाद स्कूल संचालकों ने 40 स्कूल बसों का फिटनेस करा लिया। सोमवार को आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता ने जब बसों के संबंध में लिपिक से जानकारी मांगी तो पता चला कि अब भी 77 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने बसों की फिटनेस नहीं कराई है। ऐसे स्कूलों को लिपिक की तरफ से जानकारी भी दे दी गई है। बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन बसों की फिटनेस के लिए संजीदा नहीं दिख रहे हैं।
चेकिंग टीम को निर्देश दिया गया है कि बिना फिटनेस के चल रही स्कूल बसों को तत्काल सीज कर दिया जाए। इसके लिए मंगलवार से युद्ध स्तर पर अभियान चलेगा।
- डॉ. एके गुप्ता, आरटीओ प्रवर्तन