वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने की शासन की मंशा पर विद्यालयों के प्रबंध तंत्र ही अड़ंगा लगा रहे हैं। शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने के लिए महज दो दिन ही बचे हैं और अभी 75 विद्यालयों की सूची नहीं मिली है। डीआईओएस ने कड़े लहजे में कहा है कि अगर निर्धारित अवधि में विद्यालयों की सूची नहीं मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इसके पहले वर्ष 2008 तक के शिक्षकों की संख्या शासन को भेजी गई थी। लेकिन अब वर्ष 2015 तक की संख्या मांगी गई है। जिले में कुल 269 वित्तविहीन विद्यालय हैं, जिनमें 194 विद्यालयों ने सूची उपलब्ध करा दी है, जबकि वर्ष 2008 के बाद के 75 विद्यालयों की सूची अभी तक नहीं दी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक एएन मौर्या ने बताया कि 10 मई तक वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों को अपने यहां के कार्यरत शिक्षकों की सूची प्रमाणित करके उपलब्ध कराने को कहा गया है। ऐसा न करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।