पडरौना(कुशीनगर)। नगर के पूर्वी छोर पर बसे जगदीशपुरम कॉलोनी के लोग अजब हाल में जी रहे हैं। ये मतदाता हैं। वोट डालते हैं। किंतु निवासी पडरौना नगर के हैं न नोनियापट्टी (आं) गांव के। नतीजा, हर सरकारी सुविधा से वंचित हैं। इन्हें गुस्सा इसी बात का है। इसकी शिकायत वे हर स्तर पर करके थक चुके हैं।
नगर के पूर्वी छोर पर बसी इस कालोनी में चार बड़े अस्पताल, होटल और कई स्कूल संचालित हैं। यहां के आनंद कुमार मिश्र, बृजनारायण सिंह, नवल किशोर त्रिपाठी, डॉ. उमेश तिवारी, रमेश तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्य वीरेंद्र दुबे बताते हैं कि करीब 20 वर्ष पहले बसी कॉलोनी 1972 के नक्शे के मुताबिक पडरौना नगर पालिका की सीमा क्षेत्र में बताई गई थी।
यहां के लोगों को पेयजल, सड़क, नाली की समस्याएं तो झेलनी ही पड़ती हैं, राशन कार्ड या निवास प्रमाणपत्र भी नहीं बनता। अखिलेश बरनवाल, विरेंद्र सिंह, शम्भूशरण त्रिपाठी, अवधेश सिंह, केएन सिंह, राजन गुप्ता, अशोक गुप्ता, अजित बरनवाल, ब्रजेश त्रिपाठी, ललन ठाकुर, अजीत बर्नवाल, हरेशमणि पांडेय, सुनील मिश्र आदि ने बताया कि वे इसकी शिकायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार कर चुके हैं।
मतदाता सूची में पडरौना
के वार्ड के निवासी हैं
पडरौना विधानसभा क्षेत्र की सूची में कालोनी वालों के नाम भाग संख्या 265 में दर्ज हैं। पता वाल्मीकि नगर जगदीशपुरम है। वाल्मीकि नगर का उदित नारायण इटर कालेज इनका मनका मतदान केंद्र होता है। यह पता वर्ष 2017 से पहले नोनिया पट्टी आंशिक होता था। ये लोग पिछले चार चुनावों से वोट देते आ रहे हैं।