फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूकंप से अफरातफरी, रस्सी के सहारे होटल के कमरों से निकाले गए लोग

Thu, 11 Apr 2019 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला/गाोरख्ापुर
विज्ञापन
दरअसल यह आपदा से बचाव की तैयारियां जांचने के लिए एक वृहद मॉक ड्रिल थी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर। शहर के बीच में बसे पार्क रोड स्थित होटल क्लार्क ग्रैंड में बुधवार का नजारा रोज से अलग था। सुबह 10:40 बजे अचानक होटल का आपदा अलार्म बज उठा। लोगों को बताया गया कि तेज भूकंप आया है। सूचना पर रेस्त्रां और कमरों से दौड़ते हुए लोग बाहर भागने लगे। सूचना दी गई कि होटल की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई है। कई लोग जख्मी भी हैं। होटल के पहले, दूसरे और तीसरे तल पर कुछ लोगों के फंसे होने की भी जानकारी मिली। तत्काल होटल की रेस्क्यू टीम और वहां उपस्थित स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू किया।
जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) की सूचना पर पुलिस कंट्रोल रूम, एनडीआरएफ (आपदा संकट मोचक दल) 11वीं वाहिनी, जिला चिकित्सालय, प्रशासन, नगर निगम, अग्निशमन नागरिक सुरक्षा आदि विभागों की टीम अलर्ट हो गई और घटना स्थल पर पहुंचने लगी। पुलिस और यातायात विभाग ने चरगावां से लेकर होटल क्लार्क ग्रैंड और जिला अस्पताल तक तक ग्रीन कॉरीडोर तैयार किया। चंद मिनटों में एनडीआरएफ की टीम चरगावां से होटल पहुंची और तीव्र गति से बचाव कार्य में जुट गई। डॉक्टर और एनडीआरएफ के जवानों के एक दल ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। गंभीर रुप से घायल हुए लोगाें को जिला अस्पताल भेजा जाने लगा। वहीं दूसरी टीम रस्सी के सहारे होटल के पहले, दूसरे और तीसरे तल पर पहुंच गई और बच्चों, बड़ों समेत एक-एक कर रस्सी के सहारे ही बाहर निकाला।
विज्ञापन
विज्ञापन


राहत की बात यह है कि यह पूरा बचाव अभियान तो वास्तविक था लेकिन भूकंप और लोगों के घायल होने की बात काल्पनिक थी। दरअसल यह आपदा से बचाव की तैयारियां जांचने के लिए एक वृहद मॉक ड्रिल थी जो आपदा प्रबंधन विभाग और एनडीआरएफ की तरफ से संयुक्त तौर पर आयोजित किया गया था। इसमें कई विभाग एक साथ शामिल हुए। इसकी तैयारी कई दिनों से चल रहीं थीं। इस मॉक ड्रिल के लिए प्रदेश के भीतर सिर्फ दो शहरों लखनऊ और गोरखपुर का चयन हुआ था। आपदा प्रभारी व एडीएम फाइनेंस विधान जायसवाल के मुताबिक मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही। इस अभ्यास को आगे भी जारी रखा जाएगा।

25 अप्रैल 2014 को आया था दहलाने वाला भूकंप

होटल के बाहर अचानक अफरातफरी देख लोगों के जेहन में करीब पांच साल पहले 25 अप्रैल 2015 को आए दिल दहला देने वाले भूकंप की याद ताजा हो गई। रुस्तमपुर के मनोज सिंह ने बताया, बुधवार को वह दोस्तों के साथ होटल क्लार्क के रेस्त्रां में जा रहे थे। बाहर बड़ी संख्या में भीड़, एंबुलेंस और पुलिस को देख वे सहम गए। उन्हें लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया। इसी बीच भीड़ से भूकंप शब्द निकला। बिना दिमाग पर जोर दिए एक पल के लिए उन्हें लगा कि वास्तव में भूकंप आ गया और फिर 2014 के भूकंप से मचे हड़कंप की तस्वीर उनके सामने घूम सामने आ गई। हालांकि अगले ही पल जब वे संभले तो उन्हें समझ में आ गया कि इतनी तीव्रता का भूकंप आता तो उन्हें भी एहसास होता।

इनकी निगरानी में हुआ अभ्यास

उप्र राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ले. जनरल रविंद्र प्रताप शाही, डिप्टी कमांडेंट एनडीआरएफ पीएल शर्मा, डीआईजी एनडीआरएफ आलोक कुमार सिंह, परियोजना निदेशक बलबीर सिंह, एक्सपर्ट निर्माण उप्र राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण निखिल गंगवार, ग्रुप कमांडर एनसीसी ब्रिगेडियर जेएस राजपुरोहित, डॉ उर्वशी चन्द्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एसके तिवारी, एसपी (दक्षिणी) विपुल श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त नगर निगम डीके सिन्हा, तहसीलदार सदर संजीव दीक्षित, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा सत्य प्रकाश सिंह, चीफ वार्डेन नागरिक सुरक्षा डॉ संजीव गुलाटी, जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता, होटल मालिक पवन बथवाल आदि।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें