अभिषेक जी, इस खबर को आज लगाना जरूरी है। गोरखपुर में मुकाबले शुक्रवार से शुरू हो रहे हैं।
सभी केंद्रों के ध्यानार्थ
पहलवानों का वजन अब मुकाबले के दिन ही
उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ ने नई नियमावली लागू की, गोरखपुर से आज होगी शुरुआत
मैच से पहले वजन घटाने या बढ़ाने की चालाकी नहीं कर पाएंगे पहलवान
विवेक सिंह
गोरखपुर। राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में अब पहलवानों का वजन मुकाबले के दिन ही लिया जाएगा। इससे पहलवान अपने प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ने के लिए किसी तरह का जोड़-तोड़ नहीं कर पाएंगे। भारतीय कुश्ती संघ ने नए नियम में बदलाव करने के साथ ही इसकी नियमावली सभी प्रदेश कुश्ती संघों को भेज दी है। जहां तक यूपी कुश्ती संघ की बात है तो उसने 16 नवंबर से गोरखपुर में आयोजित सीनियर स्टेट कुश्ती (महिला और पुरुष) प्रतियोगिता से ही नई नियमावली लागू करने का फैसला किया है।
राज्य स्तरीय सीनियर स्टेट कुश्ती में होगा लागू
16-18 नंवबर तक रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में भारत भीम जनार्दन सिंह की स्मृति में आयोजित सीनियर स्टेट पुरुष और महिला कुुश्ती प्रतियोगिता के लिए शुक्रवार को सुबह 8 से 9 बजे तक 50, 53, 55, 57, 59, 62, 65, 68, 72, 76 किलो वर्ग की महिला पहलवानों (फ्रीस्टाइल) का वजन होगा। इसके बाद उनके मुकाबले शुरू होंगे। इसी क्रम में 17 नवंबर को पुरुष वर्ग में फ्रीस्टाइल के 57, 70, 79, 92 किलो वर्ग और ग्रीकोरोमन में 60, 67, 77, 97 किलो वर्ग, 18 नवंबर को फ्रीस्टाइल के 65, 74, 86 और 125 किलो ग्रीकोरोमन में 55, 72, 82, 130 किलो भार वर्ग के पहलवानों का वजन और मुकाबले होंगे।
पहलवानों के लिए क्यों खास है वजन
भारतीय कुश्ती टीम के कोच चंद्रविजय सिंह के अनुसार जब कोई खिलाड़ी कुश्ती की शुरूआत करता है तो उसे अपने वजन के मुताबिक भारवर्ग दिया जाता है। वह पहलवान उस भारवर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रैंकिंग हासिल करता है। कुश्ती की फ्रीस्टाइल और ग्रीकोरोमन स्पर्धा में 10-10 भारवर्गो में पहलवानों का वजन होता है। वर्तमान में बजरंग पुनिया 65 किलोभार वर्ग में दुनिया के नंबर एक पहलवान हैं, जबकि बाकी भार वर्गों में दूसरे पहलवानों ने श्रेष्ठ रैंकिंग पर कब्जा जमा रखा है।
इनसेट
अभी तक ये व्यवस्था
पुरानी व्यवस्था के अंतर्गत किसी भी राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में पहलवानों का वजन पहले दिन ही हो जाता था, भले ही उनका मुकाबला प्रतियोगिता के पहले दिन ना होकर तीसरे, चौथे या पांचवें दिन हो। इस दौरान यह भी देखने में आता रहा है कि मैच बाद में होने की स्थिति में पहलवान पौष्टिक आहार लेकर अपना वजन बढ़ा लेते हैं। परिणामस्वरूप मैच के दौरान वह अपने प्रतिद्धंद्वी पर हावी हो जाते थे। पहलवानों की इस चालाकी की शिकायत अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ में भी की गई थी। इसी के बाद अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ ने नियमों में बदलाव करने का आदेश जारी किया।
कोट
पहलवानों के वजन को लेकर भारतीय कुश्ती संघ ने नियमों में कुछ बदलाव किया है। इसे उत्तर प्रदेश में होने वाली कुश्ती प्रतियोगिताओं में भी लागू किया जाएगा। इसकी शुरूआत रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुक्रवार से शुरू हो रही राज्य स्तरीय सीनियर स्टेट कुश्ती से होगी।
- दिनेश सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, यूपी कुश्ती संघ