गोरखपुर। अल्ट्रासाउंड करने वाले एमबीबीएस को अपने सेंटर का पंजीकरण बचाने के लिए क्षमता परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा न देने पर स्वास्थ्य महकमा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनका पंजीकरण समाप्त कर देगा। शनिवार को पीसीपीएनडीटी एक्ट की समीक्षा बैठक के दौरान शासन का यह आदेश स्थानीय अधिकारियों को मिला। स्वास्थ्य महकमे ने इसके क्रियान्वयन की तैयारी शुरू कर दी है।
इस कड़ी में ऐसे चिकित्सकों को नोटिस भेज टेस्ट देने की बाध्यता की जानकारी दी जा रही है। पीसीपीएनडीटी के प्रभारी अधिकारी एसीएमओ डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि अगर अल्ट्रासाउंड करने वाले एमबीबीएस चिकित्सक टेस्ट में फेल हो जाते हैं तो उन्हें छह महीने की ट्रेनिंग लेनी होगी। इसके बाद अगर वे परीक्षा पास कर लेते हैं तो ही उनके पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाएगा।
46 एमबीबीएस चिकित्सक हैं पंजीकृत
पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जिले में 46 एमबीबीएस चिकित्सक पंजीकृत हैं। अनुभव के आधार पर पंजीकरण पाने वाले इन चिकित्सकों के लिए अब क्षमता परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। 2014 में एक्ट के तहत सख्ती होने के बाद अनुभव के आधार पर एमबीबीएस डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड सेंटर का पंजीकरण रोक दिया गया था। इसके बाद से एक भी एमबीबीएस चिकित्सक का अनुभव के आधार पर पंजीकरण नहीं किया गया है।