सिद्धार्थनगर। जिले के सात घाटों में 2012 से 2017 के बीच हुए बालू खनन की जांच कर रही टीम तीसरी बार जिले में आई और आईटीआर (इन्कम टैक्स रिटर्न) संबंधी फाइल लेकर चली गई। छह दिनों से टीम गुपचुप तरीके से जिले में थी और मंगलवार शाम रिकार्ड तलब कर चली गई। इससे बालू खनन के ठेकेदारों में हलचल मची हुई है।
सूत्रों के अनुसार इसके पहले 30 अक्टूबर को डिप्टी एसपी केपी शर्मा के नेतृत्व में सीबीआई टीम आई थी। उस समय वर्ष 2012 के बाद हुए पट्टों की फाइलों को खंगाला गया था। टीम ने पट्टाधारकों से पूछताछ भी की थी। वन, पंचायत, परिवहन विभाग से भी कई दस्तावेजों को एकत्र किया गया था। तीन माह बाद टीम एक बार फिर से जिले में आई।
इसकी जानकारी केवल आला अफसरों को थी। टीम ने छह घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। मंगलवार देर शाम खनन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को डाक बंगले में बुलाने के बाद पट्टाधारकों के आईटीआर संबंधित दस्तावेज मांगे। फाइल मिलते ही टीम ने कागजों को कब्जे में ले लिया।
किसी पट्टाधारक ने नहीं जमा किया है आईटीआर
विभागीय सूत्रों की माने तो सीबीआई टीम ने आईटीआर जमा करने से संबंधित फाइल को कब्जे में लिया है। लेकिन किसी भी पट्टाधारक ने खनन से अर्जित धन का आयकर जमा करने से संबंधित रसीद विभाग को नहीं दी है।