बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों की मौत के मामले में आरोपी एनेस्थिसिया के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राकेश धर दुबे ने गुरुवार को खारिज कर दी। इससे पहले भी उनकी जमानत अर्जी खारिज हुई थी।
कोर्ट में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए एडीजीसी रवींद्र यादव का क हना था कि 23 अगस्त 2017 को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना गुलरिहा थाने से चल रही है।
घटना के समय डॉ. सतीश ऑक्सीजन सप्लाई के प्रभारी थे। 11 अगस्त को वह बिना अनुमति मुख्यालय छोड़कर चले गए। इस कारण विपरीत स्थिति पैदा हुई। यह तथ्य उनकी जानकारी में था कि ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मृत्यु संभव है। उन्होंने मानव रक्षा का कोई प्रयास नहीं किया। कोर्ट में डॉ. सतीश ने खुद को फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों, अपराध की गंभीरता और समाज पर पड़ने वाले उसके असर को देखते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी।