विनोद वन का निरीक्षण करते वन मंत्री दारा सिंह।
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वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने रविवार को विनोद वन का निरीक्षण किया और वहां रखे गए जानवरों के बारे में वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। चिड़ियाघर के निर्माण के बाद यहां के पशु- पक्षियों को वहीं शिफ्ट करना है। इस बारे में भी उन्होंने अधिकारियों से विचार विमर्श किया।
वन मंत्री ने जानवरों के रख-रखाव व उनके आहार के बारे में पूछा। उन्होंने सांप, तोते, हिरन समेत सभी बाड़ों में जाकर उनकी उचित देखभाल करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह बुढ़िया माई मंदिर गए और मां के दरबार में शीश नवाया। वन मंत्री के वहां पहुंचने की सूचना पर पास के रजही गांव के लोग भी पहुंच गए। उन्होंने मंत्री से कहा कि बुढ़िया माई मंदिर फॉरेस्ट लैंड में पड़ता है, इसलिए यहां का विकास सालों से नहीं हो सका है। यहां लोकल स्तर पर अगर कोई निर्माण कार्य कराना चाहे तो नहीं करा सकता।
इस वजह से यहां न तो सड़क बना पाई है और न ही धर्मशाला का निर्माण हो सका है, जबकि धार्मिक स्थलों में यहां का महत्व बहुत है। वन मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है। इसके खत्म होते ही उत्तर प्रदेश टूरिज्म व जिला प्रशासन से इसके विकास का प्रोजेक्ट तैयार कराया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक आर. हेमंत कुमार, डीएफओ एनके जानू, एडीएफओ एमके शुक्ला सहित कई लोग उपस्थित थे।
चिड़ियाघर निर्माण कार्य की प्रगति जानी
वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने रविवार को रामगढ़ फॉरेस्ट हाउस में चिड़ियाघर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान निर्माण कराने वाली निजी फर्म एसएस व आरएनएन कंस्ट्रक्शन फर्म के अधिकारी भी मौजूद रहे। फर्म के अधिकारियों ने फंड के संबंध में कुछ दिक्कत की बात कही। इसके अलावा उनका कहना था कि निर्माणाधीन चिड़ियाघर परिसर के आधे हिस्से में पानी भरा हुआ है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। पानी निकासी करने पर जलीय जीवों के जीवन पर संकट आ सकता है। वन मंत्री ने अधिकारियों से सावधानीपूर्वक बिना किसी क्षति के निर्माण कार्य आगे बढ़ाने को कहा।