दिग्विजयनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय में आयोजित सेमिनार में मौजूद लोग।
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महंत दिग्विजयनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय में स्वदेशी विज्ञान संस्थान और विज्ञान भारती की ओर से ‘आयुर्वेद एवं मस्तिष्क ज्वर’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें मुख्य अतिथि बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के डॉ. जसमीत सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय वाराणसी के डॉ. विजय कुमार राय रहे। दोनों अतिथियों ने इंसेफेलाइटिस के नियंत्रण के लिए आयुर्वेद पर अमल की जरूरत बताई।
डॉ. राय ने कहा कि आयुर्वेद में वर्णित सन्नीपातज ज्वर की चिकित्सा से मस्तिष्क ज्वर पर नियंत्रण संभव है। डॉ. जसप्रीत सिंह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में गुर्च, नीम आदि के सेवन से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाकर इंसेफेलाइटिस की मारकता कम की जा सकती है। विज्ञान भारती के महासचिव डॉ. अचल ने कहा कि सरकार को इंसेफेलाइटिस के नियंत्रण के लिए आयुर्वेद का नोडल सेंटर भी बनाना चाहिए। कहा कि ज्ञान भारती प्रत्येक प्रभावित जिले में इंसेफेलाइटिस के नियंत्रण के लिए कार्यक्रम करेगा। अध्यक्षता वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह ने की।
इस मौके पर चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. डीपी सिंह, परामर्श चिकित्सक डॉ. एके त्रिपाठी, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. केके पांडेय, डॉ. एके सिंह, डॉ. एएम मिश्र, अपर निदेशक गोरखनाथ चिकित्सालय डॉ. कामेश्वर सिंह, डॉ. पंकज मणि, डॉ. मनोज अग्रहरि, विनोद सिंह आदि मौजूद रहे।