जिला पंचायत की बैठक में शामिल सदस्य।
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गोरखपुर। जिला पंचायत की बैठक में 73 सदस्यों के प्रस्ताव को सदन ने पास कर दिया। करीब 14 करोड़ की लागत से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुलिया व खड़ंजा का निर्माण करा कर गांव की सूरत बदली जाएगी। दूसरी तरफ सदस्यों ने सांसद, विधायक, एमएलसी सहित अन्य सदस्यों के किसी भी प्रस्ताव को सदन में पास नहीं होने दिया। कहा कि सभी को अलग से बजट मिलता है। फिर जिला पंचायत के बजट में उन्हें क्यों हिस्सेदारी चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में सड़क निर्माण, पुलिया, इंटरलाकिंग का प्रस्ताव दिया था, जिससे उनके क्षेत्र में विकास के कार्य हो सके। सदन ने उसे पास कर टेंडर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया। इसके अलावा अन्य दस प्रस्ताव सदन में रखे गए, जिसे सदस्यों ने पास किया।
स्वास्थ्य केंद्र पर धन उगाही से भड़के सदस्य
सदन में चर्चा के दौरान सदस्य सोनमती देवी ने कहा कि वह अपने बीमार बच्चे को लेकर बांसगांव स्वास्थ्य केंद्र पर गई थीं। वहां डॉ. मौजूद थे कि नहीं पर जो कर्मचारी वहां मौजूद था उसने इलाज के लिए धन की डिमांड की। जब उन्होंने अपना परिचय दिया तो वह भड़क गया। इसके बाद उसने कोई सुनवाई नहीं की। यह सुन सदस्य आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए हंगामा करने लगे। सदस्यों ने सीडीओ से तत्काल कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौजूद सीएमओ ने आश्वस्त किया कि दोषी कोई हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। इसके बावजूद सदस्य तत्काल कार्रवाई पर अड़े रहे। इस पर सीडीओ ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह में जांच करा कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। इस पर सदस्य मान गए।
सपा और भाजपा सदस्य में नोकझोंक
बैठक में जब अपर मुख्य अधिकारी ने हर विभाग के अधिकारियों से पूछा कि उनके विभाग से कौन आया है तो अधिकतर ने बताया कि उनके एचओडी नहीं आए हैं। इस पर सपा के पंकज शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री के जिले के अधिकारी निरंकुश हो गए हैं। यह सुनते ही भाजपा के सदस्य मायाशंकर शुक्ल खड़े हो गए और कहा कि इसमें मुख्यमंत्री का नाम क्यों लिया जा रहा है। जो निरंकुश है वह ठीक कर दिया जाएगा।