गोरखपुर।
पब्लिक स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर योगी सरकार ने शिकंजा कसने का फैसला किया है। गोरखपुर में छह दिन प्रवास के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि फीस बढ़ोतरी की समीक्षा कराई जा रही है। इस सिलसिले में कमेटी भी गठित की गई है। साथ ही स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था-दुरुस्त रखने के निर्देश हैं। स्कूल स्टाफ का पुलिस वेरीफिकेशन जरूरी है।
रविवार को लखनऊ रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में कहा कि पब्लिक स्कूल को उतनी ही फीस लेने की इजाजत होनी चाहिए, जितने में शिक्षक, कर्मचारियों का वेतन आसानी से दिया जा सकेगा। विद्यालय का रखरखाव ठीक से हो सके। लड़के, लड़कियों के टॉयलेट अलग-अलग बनवाए जाएं। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं।
धारा-370 पर केंद्र की रणनीति सही
जम्मू कश्मीर नीति पर केंद्र सरकार सजगता से आगे बढ़ रही है। अलगाववादी और उग्रवादियों की जड़ उखड़ चुकी है। केंद्र सरकार धारा-370 पर भी काम कर रही है। इस परिप्रेक्ष्य में अच्छे नतीजे की उम्मीद की जा सकती है।
पर्यटन के नक्शे पर लाएंगे धार्मिक नगर
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक नजरिये से महत्वपूर्ण गोरखपुर, फैजाबाद, मथुरा, वाराणसी, बाराबंकी, सहारनपुर और आगरा सहित अन्य जिलों को पर्यटन के नक्शे पर लाया जाएगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। पहली कड़ी छोटी दिवाली (18 अक्तूबर) के रूप में अयोध्या में मनाई जाएगी। यूनिक इवेंट हर साल होगा। इसका विस्तृत ब्योरा जल्द ही जारी किया जाएगा। अयोध्या को वैसे ही सजाया जाएगा, जैसा कि राम के स्वागत के दौरान सजाया गया था।
रैपिड रेल के जरिये दिल्ली से जुड़ेगा मेरठ
नोएडा और गाजियाबाद की तरह ही मेरठ को भी नई दिल्ली से जोड़ा जाएगा। नई दिल्ली और मेरठ के बीच रैपिड रेल चलाने पर सहमति बन गई है। कानपुर, आगरा, वाराणसी और गोरखपुर को मेट्रो ट्रेन का तोहफा मिलेगा। अलग-अलग शहरों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर भेजी जा रही है।
इस साल 10 लाख युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छह महीने में यूपी के छह लाख युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण दिया गया। सबको रोजगार भी उपलब्ध कराया जा चुका है। इस साल 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने की योजना है।
छह जिलों को खुले में शौच से मुक्ति
खुले में शौच से मुक्ति दिलाने का काम यूपी में तेजी से चल रहा है। अब तक चार जिले खुले में शौच से मुक्ति पा चुके हैं। जल्द ही दो और जिलों को खुले में शौच से मुक्ति पाने का एलान होगा। यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना 15 हजार टॉयलेट बनाया जा रहा है।