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काम की धीमी रफ्तार से सीएमओ पर बिगड़े नोडल अफसर

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गोरखपुर।
विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग में सर्वाधिक लापरवाही पाए जाने पर जिले के नोडल अफसर एवं प्रदेश के अपर मुख्य सचिव माध्यमिक व उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल ने सीएमओ पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कमिश्नर सभागार में करीब दो घंटे तक चली समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ ही गुणवत्ता पर भी ध्यान रखा जाए।
नोडल अफसर ने स्वास्थ्य विभाग के समय से काम न पूरा करने पर असंतोष व्यक्त किया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि चरगांवा, पिपरौली सीएचसी का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका जबकि सीएमओ ने इसे सितंबर में ही पूरा कर लेने का वादा किया था। अभी तक दोनों भवन विभाग को हैंडओवर भी नहीं किए जा सके हैं। डॉक्टर एवं स्टाफ की तैनाती के संबंध में अभी कोई कार्रवाई तो नहीं ही हो सकी, चिकित्सा उपकरण भी नही मिले हैं।
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समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि पुरूष चिकित्सालय में फ ार्मासिस्ट ने चार्ज नही दिया। लोकल परचेज से दवाएं नही खरीदी गई हैं। 70 लाख का बिल भुगतान के लिए लंबित है। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सीएमओ को इसमें सुधार करने के निर्देश दिया। जननी सुरक्षा योजना में प्रसूता एवं आशाओं को किए गए भुगतान पर उन्होंने संतोष जताया मगर बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। स्वास्थ्य एवं बेसिक शिक्षा विभाग की तत्काल एक संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया । जिले में जेई/एईएस से हुई 62 मौत का आडिट न कराने पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। सीएमओ ने बताया कि 28 का ऑडिट हो गया है, बाकी एक सप्ताह में करा लिया जाएगा।
चिड़ियाघर निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि बाउंड्रीवाल का काम चल रहा है। तीन बाड़ा बन गया है, सात पर काम चल रहा है। स्वीकृति के लिए मास्टर प्लान शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने एम्स, फर्टिलाइजर कारखाना समेत कई योजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान डीएम राजीव रौतेला, एसएसपी सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज, सीडीओ अनुज सिंह, सीएमओ रवीन्द्र कुमार समेत कई अफसर मौजूद रहे।

औद्योगिक विकास का पांच साल का विजन तैयार करने का सुझाव
गोरखपुर। नोडल अफसर संजय अग्रवाल गीडा कार्यालय पहुंचे और फाइलें मंगाकर जांच की। साथ ही उन्होंने गीडा के अधिकारियों को गोरखपुर में औद्योगिक विकास के लिए पांच साल का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर उद्यमियों की समस्याओं को दूर करने को निर्देश दिया। इस दौरान गीडा की सीईओ हर्षिता माथुर के अलावा डीएम, अपर आयुक्त और गीडा के अधिकारी मौजूद थे।

नगर निगम को एलईडी के काम में तेजी लाने का निर्देश
गोरखपुर। नोडल ऑफिसर ने नगर निगम के अधिकारियों को एलईडी लाइट लगाने के काम में तेजी लाने और शहर को खुले से शौच से मुक्त करने का काम दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया। इस दौरान नगर आयुक्त प्रेेमप्रकाश सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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मास्टर ड्रग लिस्ट बनाने की सलाह दी
अपर मुख्य सचिव सोमवार को जिला अस्पताल भी पहुंचे। इस दौरान ड्रग स्टोर का निरीक्षण किया और दवाओं के रखरखाव की स्टाक बुक भी देखी। पुराना लोकल पर्चेज रजिस्टर न मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मास्टर ड्रग लिस्ट बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पर्चेज कमेटी में सुधार चाहिए। रिकार्ड में अंतर दिख रहा है, जिसे ठीक करने की जरूरत है। सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार को कमियों को दूर करने का आदेश दिया।
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