गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंशवाद और जातिवाद की राजनीति को विकास में बाधक बताते हुए कहा कि बीते 15 वर्षों के दौरान यूपी में सहकारिता की भ्रूण हत्या कर दी गई। पहले की सरकारों ने यह समझने की कोशिश नहीं की कि सहकारिता जीवन शैली को उठा सकती है। हमारे गांव स्वावलंबी थे, लोगों में कौशल है, लेकिन उन्हें उचित मंच नहीं मिला। लोग पलायन करते गए और नौजवान कुंठा का शिकार हो गया।
मुख्यमंत्री गोरखपुर यूनिवर्सिटी में रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट नौकरशाही और भ्रष्टतंत्र ने हर क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया। हम अपने गौरवशाली अतीत को भूलकर पश्चिमी मॉडल को अपनाने लगे। इसका नुकसान भी हमें ही उठाना है। जो समाज अपने इतिहास के प्रति सचेत नहीं होता है, वह अपने भूगोल की रक्षा नहीं कर सकता। हमें अपने परिमार्जन के लिए तैयार रहना चाहिए। दुनिया में महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए पं. दीनदयाल ने जो व्यावहारिक विचार प्रस्तुत किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं।
इस दौरान बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष कुलाधिपति राम नाईक ने कहा कि दीनदयाल जी के विचारों के धन को सहेजने की जरूरत है। उन्होंने जनप्रतिनिधि के लिए भी नई अवधारणा गढ़ी, जिसमें मनुष्य ही नहीं पशु, पक्षियों को भी शामिल कर सभी के लिए कार्य करने की नसीहत दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार जगदीश उपासने, कुलपति प्रो. वीके सिंह, प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, अंजू चौधरी सहित शिक्षाविद् व गणमान्य लोग मौजूद रहे।