महराजगंज। जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित फसल ऋण मोचन प्रमाणपत्र वितरण समारोह में शुक्रवार को पांच हजार किसानों को 18 करोड़ रुपये की कर्जमाफी का प्रमाण पत्र मुख्य अतिथि एवं जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री ने दिया।
सूबे के अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण एवं समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने वाली सूबे की योगी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही किसानों से किया वादा पूरा करने की घोषणा की थी। आज पूरे प्रदेश में एकसाथ किसानों को कर्जमाफी का प्रमाण-पत्र दिया जा रहा है। महराजगंज में भी पांच हजार किसानों को करीब 18 करोड़ रुपये कर्ज माफी के प्रमाण पत्र दिए गए हैं। योगी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता गरीब, मजदूर किसान और नौजवान हैं। इनके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सूबे में इसके पहले भी सरकारें थीं और रोज घोषणाएं होती थीं लेकिन कभी किसी योजना का लाभ गरीबों और किसानों तक नहीं पहुंचा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर चलने वाली भाजपा समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास और उत्थान में जुटी है। जिस राम राज की परिकल्पना यूपी की जनता ने की है वह तभी संभव है जब समाज का अंतिम व्यक्ति विकास के रास्ते पर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि योगी के नेतृत्व में इस सरकार ने रामराज का सपना साकार करने के लिए अन्नदाताओं की खुशहाली का रास्ता खोल दिया है।
सिसवां विधायक प्रेम सागर पटेल ने कहा कि जिले के किसान और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बड़ा किसानों का हिमायती कोई हो नहीं हो सकता। वह संत के साथ साथ एक किसान भी हैं। वह खेत-खलिहान की समस्याओं को जानते हैं। वह यह भी जानते हैं कि दुनिया में खेती-किसानी से बड़ा रिस्की कोई व्यवसाय नहीं है। इसी लिए सरकार ने सबसे पहला निर्णय किसानों के हित में लिया है। उन्होंने सिसवां क्षेत्र के गन्ना किसानों की दुखती रग पर हाथ फेरते हुए कहा कि जल्द बकाया गन्ना मूल्य का भी भुगतान कराया जाएगा।
फरेंदा विधायक बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि प्रदेश के खुशहाली और तरक्की का रास्ता आज से खुल गया है किसानों के चेहरे पर लौटी यह मुस्कान बता रही है कि आज से पहले किसी सरकार ने इनके हित में इतना नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि किसान और नौजवान सरकार की प्राथमिकता में हैं। नौजवानों को भी सरकार जल्द बड़ा तोहफा देने जा रही है।
विधायक पनियरा ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार केवल जनता से वादा करती थी लेकिन योगी सरकार अपने वादों को पूरा कर यह बता दिया है कि यूपी में भाजपा ने राज करने के लिए सत्ता नहीं संभाली है बल्कि प्रदेश को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है।
कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ला, लीड बैंक के मैनेजर एके निगम आदि ने संबोधित किया। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने आभार प्रकट किया। इस दौरान एसपी आरपी सिंह, सीडीओ राम सिंघासन प्रेम, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल चौहान, उप कृषि निदेशक गणेश प्रसाद, जिला कृषि अधिकारी डॉ. एके यादव, पूर्व विधायक चौधरी शिवेंद्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष समीर त्रिपाठी, कृष्ण गोपाल जायसवाल, अरुणेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
इन किसानों को मंत्री ने दिया प्रमाण पत्र
जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री ने रवींद्र सिंह, जनार्दन, राधेश्याम, साबीर अली, रामानंद, बालमुकुंद, मिठाई लाल, सुभावती देवी, महेश, मिट्ठूू, रामसुरेश, सुधा देवी व सुखारी आदि को ऋणमोचन प्रमाण पत्र दिया।
किसान हेल्प डेस्क पर सोते रहे कर्मी
कृषि विभाग के पांच स्टालों पर किसानों को दी जाने वाली सुविधाएं नदारत थीं और यहां ड्यूटी पर लगेे कुछ कर्मचारी सोते रहे तो कुछ बतकही में मशगूल दिखे। काउंटर पर पहुंचने वाले किसानों को जैसे-तैसे टरका दिया जा रहा था। दूरदराज से आने वाले किसानों को बेवजह इधर-उधर भटकना न पड़े, इसके लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई थी। लेकिन हेल्प डेस्क पर किसानों की मदद में नाकाम रहा।
जलपान पैकेट के लिए किसानों में हुई छीनाझपटी
फसली ऋणमोचन प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में आए किसानों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई थी लेकिन लचर व्यवस्था के चलते कुछ गिने-चुने किसानों को ही जलपान पैकट मिल पाया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पहुंचा जलपान पैकेट किसानों में नहीं बंट पाया। एक पिकअप और आटो से लाए गए जलपान पैकेट को देखते ही किसान टूट पडे़। इस दौरान किसानों में खूब छीनाझपटी भी हुई। चिलचिलाती दोपहरी में पेयजल को लेकर भी लोगों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। इससे किसानों में अधिकारियों के प्रति खासा रोष था।
बैंक और राजस्व कर्मी बंद करें किसानों का शोषण: विधायक
समारोह में किसानों को संबोधित करते हुए फरेंदा विधायक बजरंग बहादुर सिंह ने सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ ऋणमोचन योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर किसानों की समस्याओं का जिक्र किया। जिले के कुछ बैंक शाखाओं एवं राजस्व कर्मियों द्वारा किसानों के शोषण का उल्लेख कर डीएम को इस मसले को गंभीरता से लेने को कहा। उन्होंने कहा कि कोई भी राजस्व या बैंक कर्मी कर्जमाफी के नाम पर किसी भी किसान का कहीं कोई शोषण करता है तो उसके विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई की जाए।
गर्मी से परेशान रहे किसान
ऋणमोचन योजना का प्रमाण-पत्र लेने आए किसान जिला प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते भीषण गर्मी और उमस से जूझते रहे। मंच और वीआईपी दीर्घा में दर्जनों पंखे चल रहे थे और किसान गर्मी से बेहाल गमछे और रुमाल के अलावा दफ्ती से हवा कर कार्यक्रम स्थल पर जमे रहे और व्यवस्था को कोसते रहे।
नहीं मिला प्रवेश, निराश लौटे कई किसान
कर्जमाफी का प्रमाणपत्र वितरण की खबर पर जिले भर से किसान जुटे थे। कई किसानों को तब निराशा हाथ लगी जब प्रवेश पर्ची के अभाव में सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं करने दिया। खेमपिपरा से 72 वर्षीय रंगपाल, सेमरा के हंसराज चौधरी को भी प्रवेश नहीं मिल पाया। इसी तरह राजमंगल, उमेंद्र पासवान, राजबिहारी, अमेरिका, खेदू, भिखारी व खदेरु जैसे तमाम लोग थे, जो कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश न मिलने से निराश जीएसवीएस कालेज के ग्राउंड में घंटों बैठे रहे। लोग सुरक्षा कर्मियों के रोके जाने के कारणों को लेकर भयभीत थे कि कहीं ऐसा तो नहीं कि उनका कर्जा माफ नहीं होगा।
कर्ज माफी के नाम पर धोखा देने का आरोप
महराजगंज। शुक्रवार को किसानों के कर्ज माफी के नाम पर भाजपा सरकार ने धोखा किया है। यह बातें बसंतपुर निवासी जयराम जायसवाल ने कही उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा में यह कहा था कि किसानों का एक लाख तक कर्ज माफ किया जाएगा तो अब तरह तरह की शर्तें क्यों लगाई जा रही हैं। भुवना गांव के मृत्युंजय सिंह ने कहा कि इन शर्तों के चलते तमाम किसानों को ऋण माफी से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से शर्तों को हटाकर एक लाख तक ऋण लिए किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की है।