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पत्नी समेत प्राचार्य की गिरफ्तारी से बीआरडी में खलबली

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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार की दोपहर उस वक्त गहमागहमी का माहौल हो गया जब पत्नी समेत पूर्व प्राचार्य की गिरफ्तारी की खबर आई। इस खबर के फैलते ही परिसर में खलबली मच गई। एक ओर जहां इस कार्रवाई को लेकर कई चेहरे सहमे नजर आए तो वहीं कुछ चटकारे लेकर इसकी चर्चा में मशगूल हो गए।
कार्रवाई के साथ ही मेडिकल कॉलेज में जारी खेमेबाजी भी खुलकर सामने आई। एक सज्जन इसलिए आनंदित नजर आए कि कभी ‘मैडम’ ने उनसे उनके कार्य के अतिरिक्त केले का छिलका उठवा दिया था। कार्रवाई से खुश होने वालों में कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे जो पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला के खिलाफ कोर्ट पहुंचे थे। वहीं इस कार्रवाई से कई लोग सकते में भी थे। इसकी एक अहम वजह परिसर में इस बात की चर्चा भी रही कि पुलिस अपनी विवेचना में एक अफसर समेत मेडिकल कॉलेज के चार लोगों का नाम और केस में जोड़ सकती है। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य के करीबियों के साथ ही एक खेमा चिंतित नजर आया।
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प्राचार्य आवास पर पुलिस की नजर
एक ओर परिसर में पूर्व प्राचार्य की पत्नी समेत गिरफ्तारी की खबर आई तो दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी पर तैनात एक दरोगा सिपाही के साथ प्राचार्य आवास पर पहुंच गए। कुछ देर प्राचार्य के आवास के पास खड़े रहकर उन्होंने माहौल का जायजा लिया। किसी तरह की अप्रिय स्थिति न होने का जब भरोसा हो गया तो पुलिस लौट गई। सूत्रों की माने तो पुलिस कई बार प्राचार्य आवास की निगरानी के लिए पहुंचती रही।

मैडम के दो पत्र गार्ड ने किए रिसीव
12 अगस्त से ही तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र के साथ गायब हुईं डॉ. पूर्णिमा शुक्ला के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई हुई। संबद्धता समाप्ति से लेकर स्थानांतरण और फिर निलंबन आदेश की कॉपी उन्होंने खुद नहीं रिसीव की। इसमें से दो पत्र उनके आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मी को रिसीव कराए गए तो एक आदेश की कॉपी सीधे दीवार पर चस्पा करनी पड़ी। ये सभी आदेश प्राचार्य आवास पर चस्पा हैं।
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अन्य आरोपी अब भी गायब
मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र के पीछे नारायणी कॉलोनी स्थित मकान छोड़कर आरोपी लिपिक सुधीर गायब है। आसपास के लोगों ने बताया कि निलंबन वाले दिन के बाद से वह नजर नहीं आए हैं। इसी तरह डॉ. कफील का अस्पताल मंगलवार को भी बंद रहा। वहीं सोमवार की देर रात तुर्कमानपुर स्थित उनके आवास पर पुलिस के छापे में भी वह फरार मिले। अन्य आरोपी भी अपना आवास छोड़कर गायब हैं।
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