गोरखपुर।
बाढ़ से परेशान गोरखपुर की जनता दोहरी मार झेल रही है। गोरखपुर-लखनऊ का संपर्क मार्ग और गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग बंद होने के कारण ज्यादातर वाहनों को बाघागाड़ा से नेशनल हाइवे पर निकाला जा रहा है। वहां तेनुआ टोल प्लाजा पर शुल्क वसूलने का सिलसिला जारी है। छोटे वाहनों से एक तरफ का 90 रुपये शुल्क लिया जा रहा। अब टोल प्लाजा शुल्क से निजात दिलाने की मांग की गई है।
नौसड़ तिराहे पर रिसाव से सड़क बैठ गई है। इस कारण नौसड़ तिराहे से कालेसर तक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। यही सड़क गोरखपुर से लखनऊ को सीधे जोड़ती है। अब वाहनों को नौसड़ से बाघागाड़ा की तरफ भेजा जा रहा है। इस कारण गोरखपुर शहर से गीडा तक की दूरी बढ़ गई है। पहले पैडलेगंज से गीडा की दूरी करीब 16 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 28-30 किलोमीटर हो गई है। यानी पेट्रोल, डीजल का खर्च बढ़ा और टोल टैक्स भी देना पड़ रहा है।
भानु प्रताप पांडेय का सहजनवां क्षेत्र में ईंट-भट्ठा, जबकि विष्णु दुबे की हार्डवेयर की दुकान है। दोनों ने बताया कि टोल प्लाजा से हो कर जाते पर टैक्स देना पड़ रहा है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रजनीश यादव, जिला पंचायत सदस्य जीतेंद्र सिंह ने कहा कि आपदा के समय आम नागरिकों के हित में टोल प्लाजा बंद होना चाहिए। उन्होंने इसके लिए सड़क पर उतरने की चेतावनी भी दी।
बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों की हर तरह से मदद कर रही है। टोल प्लाजा वाले इसका वेजा फायदा उठा रहे हैं। ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। जिले के रजिस्टर्ड वाहनों पर बाढ़ खत्म होने तक कोई टोल टैक्स नहीं लगना चाहिए। डीएम से भी इस बारे में बात हुई है।
- कमलेश पासवान, सांसद बांसगांव
प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए कालेसर से नौसड़ तक वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई है। जिले के लोगों को यदि शहर में आने के लिए तेनुआ टोल प्लाजा पर आना पड़ रहा है तो उनसे टोल टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए। इस संबंध में कमिश्नर से भी बात करेंगे। स्थानीय लोगों से किसी भी सूरत में टोल नहीं वसूलने देंगे।
- शीतल पांडेय, विधायक सहजनवां
स्थानीय गाड़ियों के लिए टोल प्लाजा से आने पर महीने भर का पास बनता है, जिसका शुल्क दो से ढाई सौ रुपये होता है। लोग पास बनवाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
- एपी कुशवाहा, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई