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रामगढ़ ताल में मरकर उतराती मिली मछलियां

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रामगढ़ताल में ऑक्सीजन कम होने से मछलियां मरने लगी हैं। - फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। रामगढ़ ताल के पानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने और ऑक्सीजन की मात्रा में कमी के कारण मछलियां मर रही हैं। मंगलवार को हजारों मछलियां मरकर पानी में उतराती मिलीं। ताल का पानी भी गंदा, काला हो गया है। इससे बदबू उठ रही है। इस पर चिंता जताते हुए पर्यावरणविदों ने कहा कि संरक्षित ताल के रखरखाव पर जीडीए, जल निगम, नगर निगम गंभीर नहीं है। अफसर भी कान में तेल डालकर बैठे हैं। दूसरी तरफ जल निगम ने पानी में जहरीले पदार्थ के मिलाए जाने की आशंका जताई है। साथ ही मरी मछलियों के पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
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सहारा शहर और मोहद्दीपुर से महादेव झारखंडी तक का सीवरेज कचरा सीधे रामगढ़ ताल में गिरता है। इससे प्रदूषण की मात्रा बढ़ी है। इसका असर मछलियों पर पड़ा है। पैडलेगंज से सर्किट हाउस की तरफ जाने वाली सड़क के आसपास मंगलवार को तमाम मछलियां मरकर पड़ी मिलीं। इसे देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। तमाम लोगों ने मछलियों को हाथ में उठाया और प्रशासनिक अफसरों को कोसा भी। सबने कहा कि रामगढ़ ताल की बेहतरी की दिशा में कोई खास काम नहीं हो रहा है। सर्किट हाउस और बोट क्लब के आसपास ताल का पानी बेहद गंदा है। कई जगह पानी काला पड़ गया है। बहरहाल, जल निगम ने पानी को साफ-सुथरा बताया है। यह भी कहा कि ऑक्सीजन की मात्रा अच्छी है लेकिन जल निगम ने पानी में जहरीले पदार्थ के मिलाए जाने की आशंका जताई है, साथ ही पूरे मामले की जांच कराके उचित कार्रवाई की मांग की है।

ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से ही मछलियां मरती हैं। रामगढ़ ताल के पानी की बारीकि से जांच जरूरी है। खानापूरी करने से काम नहीं चलेगा। जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो सारी मछलियां मर जाएंगी।
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- डॉ. गोविंद पांडेय, पर्यावरण विज्ञानी, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

पानी में प्रदूषण की कोई संभावना नहीं हैं। प्रमुख सचिव की मौजूदगी में दो दिन पहले सीवरेज ट्रीटमेंट से निकलने वाले पानी की जांच में बायो डिजोल्व आक्सीजन (बीओडी) की मात्रा 7 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है, जो काफी बेहतर है। संभव है कि पानी में कोई जहरीला पदार्थ मिल गया हो, जिसकी वजह से पानी में आक्सीजन की मात्रा कम हो गई हो और मछलियों के मरने की घटना हुई है। मत्स्य विभाग या जीडीए को इसकी जांच करानी चाहिए।
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- आरपी सिंह, मुख्य अभियंता, जल निगम


 
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