दिशा छात्र संगठन ने यूजीसी के राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) को साल में एक बार कराने व नेट की उत्तीर्णता 15 से घटाकर छह प्रतिशत करने के फैसले का विरोध किया। इसे लेकर सोमवार को संगठन ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी गेट पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय का पुतला फूंका और नारेबाजी की।
दिशा के अंगद ने कहा कि सरकार शिक्षा का बाजारीकरण करके आम घरों के नौजवानों को इससे दूर कर देना चाहती है। उच्च शिक्षा पर दी जाने वाली सुविधाओं में सरकार लगातार कटौती कर रही है। हाल ही में सरकार ने यूजीसी के बजट में 55 प्रतिशत व शोध की सीटों में भारी कटौती की थी। विकास ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण गरीब छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। 1964 में गठित कोठारी आयोग ने सिफारिश की थी कि शिक्षा पर बजट का कम से कम छह प्रतिशत खर्च किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में शिक्षा पर तीन प्रतिशत से भी कम खर्च किया जा रहा है। इस मौके पर आदित्य, प्रतिभा, दीपक, सर्वेश आदि मौजूद रहे।