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जीडीए- 1

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गोरखपुर।
मानबेला का मामला सुलझने के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब खोराबार की करीब दो सौ एकड़ जमीन के उलझे मामले को भी सुलझाने में जुट गया है। करीब डेढ़ दशक पहले जीडीए ने इस जमीन का अधिग्रहण किया था मगर अभी तक कब्जा नहीं हासिल कर सका। इस बीच कब्जा पाने के लिए प्राधिकरण की तरफ से 20 से अधिक बार कोशिश की गई। कभी भारी विरोध के चलते कब्जा लेने गई टीम को लौटना पड़ा तो कभी पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए।
साल 2003 में जीडीए ने इस जमीन को अधिग्रहीत किया था। चार सौ से अधिक प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देना भी शुरू किया मगर करीब ढाई सौ काश्तकारों ने आज तक मुआवजा नहीं लिया। इन सभी के मुआवजे की रकम एसएलओ दफ्तर ने आरडी (रेवन्यू डिपाजिट) कर रखी है। मुख्यमंत्री की पहल पर डेढ़ दशक से लटका मानबेला का मामला सुलझने के बाद प्राधिकरण ने अब इसे भी सुलझाने के लिए कमर कस ली है। मौके पर काबिज सभी लोगों को कब्जा हटाने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही कब्जा पाने के लिए प्रशासन और पुलिस के अफसरों को भी पत्र भेजा जा रहा है।
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कब्जा नहीं हटाया तो घोषित होंगे भू-माफिया
गोरखपुर। इस बार खोराबार की अधिग्रहीत जमीन पर किसी भी हाल में कब्जा हासिल करने का जीडीए मन बना चुका है। तय हुआ है कि जमीन पर अवैध ढंग से कब्जा जमाने वालोें ने जमीन खाली नहीं की तो शासन की तरफ से शुरू हुए एंटी-भू माफिया अभियान के तहत संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। जितने भी अवैध कब्जेदार हैं, उन्हें भू-माफिया घोषित करते हुए उनपर कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ेगा लैंड बैंक, विकास को मिलेगी गति
गोरखपुर। मानबेला के साथ ही अगर जीडीए के हाथ खोराबार की भी अधिग्रहीत जमीन लग गई तो उसके पास एक बड़ा लैंड बैंक हो जाएगा और शहर के दो सिरों में विकास को नई गति मिलेगी। जीडीए के पास अब लैंड बैंक के नाम कोई बड़ी जमीन नहीं रह गई है। यही वजह है कि प्राधिकरण तेजी से लैंड बैंक बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है। मानबेला में राप्तीनगर आवासीय विस्तार योजना के लिए करीब 57 एकड़ जमीन छोड़ दी जाए तो प्राधिकरण को वहां अब भी करीब पौने दो सौ एकड़ जमीन मिली है। अब अगर खोराबार की भी करीब पौने दो सौ एकड़ जमीन पर कब्जा मिल गया तो जीडीए के लैंड बैंक में करीब साढ़े तीन सौ एकड़ जमीन बढ़ जाएगी।
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कोट-
कब्जेदारों को नोटिस देकर उनकी बेदखली की तैयारी चल रही है। जिन काश्तकारों ने मुआवजा नहीं लिया है, उनके मुआवजे की रकम आरडी कर दी गई है। वे जब चाहें तब अपना मुआवजा हासिल कर सकते हैं। जीडीए ने इस बार सख्ती का पूरा मन बना लिया है। कब्जा नहीं खाली करने वालों पर एंटी-भू माफिया अभियान के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस से फोर्स की मांग की जा रही है। जल्द ही जमीन पर कब्जा ले लिया जाएगा।
- संजय सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए
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