गोरखपुर। खाद कारखाना की कुल जमीन में से तकरीबन 70 एकड़ जमीन नगर निगम की है। यह दावा निगम अधिकारियों ने किया है और अधिग्रहण के लिए डीएम को पत्र देने के साथ ही शासन को रिपोर्ट भेजी है। दरअसल, खाद कारखाने के लिए 1963 में ग्राम सभाओं की भूमि का अधिग्रहण हुआ था, लेकिन पांच ग्राम सभाएं 1982 में नगर महापालिका में शामिल हुईं।
इन पांच ग्राम सभाओं की 70.105 एकड़ जमीन अब भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।
खाद कारखाना तकरीबन 989 एकड़ में फैला हुआ है। इनमें से 70.105 एकड़ जमीन चकनाली की है। जंगल बेनीमाधो नंबर एक, जंगल बेनीमाधो नंबर दो, जंगल बेनीमाधो तप्पा खुटहन, लच्छीपुर और जंगल नकहा नंबर दो गांव नगर महापालिका गोरखपुर की सीमा में 15 जून 1982 में समाहित हुआ है।
इन गांवों के भूमिधरों की भूमि पर फर्टिलाइजर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड गोरखपुर का नाम अखिलेखों में अंकित हो चुका है, लेकिन खाद कारखाना के अंदर तकरीबन 70 एकड़ जमीन राजस्व अभिलेखों में आज भी दर्ज है। केंद्र सरकार का उपक्रम होने की वजह से इस जमीन को नि:शुल्क दिया जाना संभव नहीं है।
इन जमीनों के लिए नगर निगम ने की दावेदारी
- जंगल बेनीमाधो नंबर एक (23.47 एकड़)
- जंगल बेनीमाधो नंबर दो (27.80 एकड़)
- तप्पा खुटहन (16.77 एकड़)
- लच्छीपुर (0.29 एकड़)
- जंगल नकहा नंबर दो (1.79 एकड़)
खाद कारखाना परिसर में नगर निगम की काफी जमीन है। इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन के अलावा शासन को भी दे दी गई है। साथ ही इस जमीन पर अधिग्रहण की अनुमति मांगी गई है।
- राजेश कुमार त्यागी, नगर आयुक्त