जिले में मिले डेंगू के सात मरीज
गोरखपुर। जिले में मच्छर और उनसे फैलने वाली बीमारियों का प्रकोप थम नहीं रहा है। जिले में सात लोग डेंगू से प्रभावित हो चुके हैं। जिला मलेरिया विभाग अब उन क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी लार्वा एक्टिविटी कर मच्छरों की रोकथाम में जुटा है, जहां डेेंगू के मरीज और संदिग्ध पाए गए हैं।
जिले में इस सीजन में डेंगू के लक्षण वाले 184 मरीज मिल चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इनमें से सात मरीज डेंगी वायरस पॉजिटिव पाए गए। छह मरीजों में डेंगी की पहचान समय रहते हो गई। ये लोग दवा से ठीक हो गए। एक मरीज की हालत नाजुक होने के कारण भर्ती करना पड़ा। इलाज के बाद अब सातों मरीज ठीक हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर डॉ. श्रीकांत तिवारी का कहना है कि जिले में अभी तक डेंगू के सात मरीज मिले हैं। रोकथाम के लिए इन मरीजों के आसपास के पचास घरों में फॉगिंग और एंटीलार्वा एक्टिविटी करवाई गई। मरीज के घरवालों और आसपास रहने वाले बुखार से पीड़ित लोगों के खून के नमूनों की स्लाइड तैयार करवाई गई। इनमें से कोई भी डेंगी पॉजिटिव नहीं पाया गया। बरसात के मद्देनजर टीम को अलर्ट पर रखा गया है।
डेंगू को जानिए
प्लेटलेट का कम होना हमेशा डेंगू नहीं होता है।
समय से अस्पताल आने पर डेंगू का सस्ता इलाज संभव है।
समय से चिकित्सालय पहुंचने पर डेंगू जानलेवा रूप नहीं धारण करता।
चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण एक तरह के ही होते हैं। चिकित्सकीय जांच के बाद ही पता चल सकता है कि मरीज को डेंगू है या चिकनगुनिया।
डेंगू और चिकगुनिया एक ही प्रजाति के मच्छर के काटने से होता है और दोनों बीमारियों के मच्छर दिन में काटते हैं।
मच्छरों से बचाव कर हम चिकनगुनिया और डेंगू समेत सभी मच्छर जनितरोगों पर अंकुश पा सकते हैं।
डेंगू से बचाव के उपाय
सुबह-शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
घर में या आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने दें
यदि कहीं पानी जमा है तो उसमें केरोसीन, डीजल आदि डालें ताकि डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर का लार्वा नहीं पनप सके।
जमा हुआ पानी यदि पेयजल या खाना बनाने में इस्तेमाल करने वाला है तो उसमें नारियल, सरसों का तेल या रिफाइंड ऑयल डालना चाहिए।
सप्ताह में एक बार घर के गमले, कचरे में पड़े सामान की सफाई करें और कहीं भी पानी का जमाव नहीं होने दें।