गोरखपुर। मैडम! मेरी जिंदगी खराब हो गई। पति विदेश में नौकरी करते हैं और मुझे छोड़कर वहां दो और शादियां कर ली हैं। जब भी मैं उनसे बात करने का प्रयास करती हूं तो वह एक ही बात कहते हैं कि तुम अब अपनी व्यवस्था कर लो और मुझे छोड़ दो। यह पीड़ा शाहपुर थाना क्षेत्र की एक महिला ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में राज्य महिला आयोग की सुनवाई व समीक्षा बैठक में सुनाई। उपाध्यक्ष अंजू चौधरी ने पीड़ित को ढाढ़स बंधाते हुए पुलिस एवं प्रशासन के अफसरों को परिवार से बात कर मामले का निस्तारण करने के लिए कहा। सुनवाई के दौरान जिले के अलावा देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर जिलों से भी महिला उत्पीड़न से जुड़े 38 महिलाओं ने फरियाद की। किसी ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया तो किसी पीड़िता ने जबरन ससुराल से निकाल देने की। सर्वाधिक मामले घरेलू हिंसा से संबंधित रहे।
आयोग की उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला उत्पीड़न की घटनाओं में तत्काल कार्रवाई कर महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने जन सुनवाई में आई हुई पीड़ित महिलाओं से एक-एक करके उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को ठोस कार्रवाई कर आख्या उपलब्ध कराने के लिए कहा। उन्होंने महिला उत्पीड़न की घटनाओं में आशा ज्योति केंद्र के कार्यों के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, समाज कल्याण आदि विभागों के अफसर मौजूद रहे।