गोरखपुर। नगर निगम क्षेत्र में अगर टेंपो चलानी है या फिर शराब की दुकान खोलनी है तो इसके लिए नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना पड़ेगा। इसके बाद ही परिवहन विभाग टेंपो का परमिट या फिटनेस सर्टिफिकेट और आबकारी विभाग लाइसेंस जारी करेगा। डीएम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए डीएम एवं प्रभारी नगर आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने बकाया टैक्स, रेंट के अलावा लाइसेंस शुल्क सख्ती से वसूलने का निर्देश दिया है। इसी के तहत निर्णय किया गया है कि शहर में चलने वाले टेंपो और ऑटो के लिए पहले नगर निगम से एनओसी लेना होगा। इसका वार्षिक शुल्क 600 रुपये है। शहर में संचालित देसी शराब की दुकानों के लिए वार्षिक शुल्क 8,000 और अंग्रेजी शराब के लिए 10 हजार निर्धारित किया गया है। नगर निगम के लाइसेंस निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि टेंपो और शराब की दुकानों से नवीन लाइसेंस शुल्क के तहत वसूली का काम तेज किया जाएगा।
नगर निगम को होगी लाखों की कमाई
शहरी क्षेत्र में करीब 5500 टेंपो चलते हैं। ऐसे में नगर निगम की 33 लाख रुपये कमाई तो इन्हीं से हो जाएगी। शहरी क्षेत्र की करीब 80 शराब की दुकानों से नगर निगम को आठ लाख रुपये मिलेंगे।
लटका है सराफा की दुकानों का मामला
सराफा की दुकानों पर निर्धारित नवीन लाइसेंस शुल्क का मामला अभी तक उलझा हुआ है। इन दुकानों पर 25 हजार रुपये तक शुल्क तय किया गया था, लेकिन भारी विरोध के बाद इसकी वसूली स्थगित कर दी गई।