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मुख्यमंत्री को मिली गंदगी, तीन सस्पेंड

Tue, 02 Jan 2018 09:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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मुख्यमंत्री के आने की खबर पाकर कर्मचारी झटपट सफाई में जुट गए थे। - फोटो : Amar Ujala
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शहर की सफाई में लापरवाही पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। मेयर से लेकर मुख्यमंत्री तक की इसपर निगाह है। गत दिनों गंदगी फैलाने पर मेयर ने चार दुकानदारों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया था और आज गोरखनाथ मंदिर से अलीनगर के रास्ते जगह-जगह गंदगी और कूड़ा मिलने पर मुख्यमंत्री नाराज हो गए। इसी का परिणाम रहा कि नगर आयुक्त ने एक सुपरवाइजर और दो सफाई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। यही नहीं, एक अन्य सुपरवाइजर शांति स्वरूप गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में तीन और कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता प्यारे मोहन सरकार का मंगलवार को तड़के निधन हो गया। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली तो वह श्रद्धांजलि देने अधिवक्ता के अलीनगर स्थित आवास चले गए। गोरखनाथ मंदिर से अलीनगर तक रास्ते में मुख्यमंत्री को कई जगह गंदगी मिली। सुबह 9:50 बजे तक जटाशंकर पोखरे से अधिवक्ता के आवास तक सफाई नहीं हुई थी। कई जगह झाड़ू तक नहीं लगी थी। कूड़ा भी पड़ा था। ऐसे में नगर निगम के अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में सफाई अभियान छेड़ा गया लेकिन मुख्यमंत्री को संतुष्ट नहीं किया जा सका। इस मामले में मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट तलब की तो अफसर सांसत में फंस गए।

मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने जब सुपरवाइजरों को कॉल की तो फोन तक नहीं उठा। इससे नाराज मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने पांच सुपरवाइजर, सफाई कर्मचारियों को निलंबित करने और दो को कारण बताओ नोटिस जारी करने की नगर आयुक्त से सिफारिश कर दी। उधर, नगर आयुक्त ने तीन कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया। साथ ही एक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कार्यवाहक मेठ रंजीत के स्थान पर अलीनगर वार्ड की सफाई का काम अब सुपरवाइजर शिवचरण को दिया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि इस मामले में तीन और कर्मचारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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इनपर हुई कार्रवाई
प्रभारी सुपरवाइजर रंजीत, सफाई कर्मचारी सोहराब और राम मिलन को निलंबित किया गया है। इसके अलावा सफाई कर्मचारी राजेंद्र और मिंदर को भी निलंबित करने और सुपरवाइजर सुधीर कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करने की सिफारिश हुई है।

अलीनगर में गंदगी की शिकायत सीएम से भी हुई थी
अलीनगर वार्ड में गंदगी की शिकायत अधिवक्ता प्यारे मोहन सरकार के घर वालों ने मुख्यमंत्री से भी की थी। उन्हें बताया था कि क्षेत्र में एक-एक सप्ताह तक झाड़ूू तक नहीं लगाई जाती। मुख्यमंत्री जब खुद अलीनगर पहुंचे तो उनका सामना भी गंदगी से हुआ।

रात में भी सफाई कराई जा रही है। इसके बावजूद लापरवाही मिलना गंभीर बात है। इस तरह के मामलों में अब और बड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहर को कूड़ामुक्त बनाने का काम प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
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- प्रेम प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त गोरखपुर
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