राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते डीएम।
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गोरखपुर। नुक्कड़ सभाओं, जनसभा और रैली आदि की अनुमति को लेकर राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए डीएम राजीव रौतेला ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि आवेदन वाले दिन ही जांच कराकर संबंधित को सभा की अनुमति दे दी जाए। मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में सभा आदि की अनुमति लेने में आ रही परेशानी का मामला सामने आने पर उन्होंने ये निर्देश दिए।
डीएम ने बताया कि एक ही जगह पर एक ही तिथि व समय पर सभा की अनुमति मांगे जाने की दशा में उसे तरजीह मिलेगी, जिसने पहले आवेदन किया हो। आयोग द्वारा तय चुनावी खर्च सीमा से अधिक खर्च न हो, इसकी निगरानी के लिए प्रत्याशियों की सभी नुक्कड़ सभाओं, जनसभा और रैली आदि की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। रिकार्डिंग करने वाली टीम उसकी सीडी तैयार कर वीडियो अवलोकन टीम को देगी। यह टीम सभा आदि की वीडियो देखकर खर्च का ब्यौरा तैयार करेगी और प्रत्याशियों द्वारा दिए जाने वाले खर्च के ब्यौरे से उसका मिलान करेगी। डीएम ने बताया कि मेयर प्रत्याशी के लिए 20 लाख, पार्षद के लिए दो लाख, नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए डेढ़ लाख और सदस्य के प्रत्याशी के लिए खर्च की सीमा 30 हजार रुपये तय है।
उन्होंने बताया कि व्यय के अनुश्रवण के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई गई है। चुनाव समाप्त होने के तीन माह के भीतर सभी प्रत्याशी व्यय लेखा रजिस्टर वाउचर सहित समिति को उपलब्ध कराएंगे। निर्धारित सीमा से अधिक व्यय होने पर जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। बैठक में एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, उप जिला निर्वाचन अधिकारी व सीडीओ अनुज सिंह, एडीएम (फाइनेंस) डॉ. चंद्रभूषण, एडीएम (प्रशासन) प्रभुनाथ समेत कई अफसर और सियासी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पहले आओ, पहले पाओ
चुनाव तक सर्किट हाउस समेत किसी भी गेस्ट हाउस के आवंटन में मंत्री, सांसद, विधायक आदि के प्रोटोकाल मायने नहीं रखेंगे। जो भी पहले आवेदन करेगा, उसे गेस्ट हाउस के कक्ष आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए सभी को किराया भी देना होगा।