सांथा(संतकबीरनगर)। ग्राम पंचायत गोइठहा बाजार निवासी एक महिला की गुरुवार सुबह मौत हो गई। एक ओर पति ने भुखमरी को मौत की वजह बताया, वहीं प्रधान ने बीमारी को। जो भी हो महिला का परिवार मुफलिसी में गुजर बसर कर रहा है। ग्राम पंचायत गोइठहा बाजार निवासी सुखराम(50) के अनुसार, वह और 45 वर्षीय पत्नी ससुरी व पांच बच्चे किसी तरह से गोइठहा में सड़क के किनारे पॉलीथिन तान कर गुजारा करते हैं। वह मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता है। आर्थिक तंगी के कारण उनके पास न तो भूमि है न ही आवास। कई बार उन्होंने ब्लॉक से तहसील तक प्रार्थना पत्र दिया पर न तो कोई मदद मिली न ही आवास। उसके पास पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड है, पर कोटेदार है कि राशन देता ही नहीं। इसकी शिकायत तहसील दिवस में की गई पर, सुनवाई नहीं हुई। जिले के अधिकारियों ने भी उसकी बात नहीं सुनी। कई दिनों से वे लोग भूखे हैं। किसी तरह से बच्चे इधर-उधर से कुछ खा लेेते हैं। पत्नी को समय से खाना न मिलने के कारण वह काफी कमजोर हो गई थी। गुरुवार की सुबह उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों की मदद से उसने दोपहर में पत्नी की अंत्येष्टि कर दी।
बीडीओ दीपक सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराकर आवास के लिए उसका नाम भेज दिया जाएगा। वहीं सप्लाई इंस्पेक्टर अश्वनी श्रीवास्तव ने कहा कि कहा कि ससुरी के पति ने तहसील दिवस में कोटेदार द्वारा राशन न देने की शिकायत की थी। जिसकी जांच करने वे गए थे, लेकिन शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं हो सका था। प्रधान कुद्दन प्रसाद ने बताया कि सुखराम को गांव के पोखरे के पास जमीन दी जा रही थी, पर उसने नहीं ली। उसकी पत्नी काफी दिनों से बीमार थी। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।