सीएम के साथ कार्यक्रम में मौजूद नगर विकास मंत्री।
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गोरखपुर। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को अब योगी सरकार जन आंदोलन बनाएगी। नगर विकास मंत्रालय ने इसका खाका भी तैयार कर लिया है। स्वच्छता का माहौल बनाने के लिए जहां सरकार वार्ड और मोहल्लों में कमेटी बनाकर जागरूक करेगी वहीं जनप्रतिनिधि भी गांवों को शौच मुक्त कराने में सहयोग करेंगे।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में शहरी क्षेत्र के आवास प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में आए संसदीय कार्य व नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने सफाई को लेकर प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कहा कि हर वार्ड और मोहल्ले में 11 सदस्यीय कमेटी बनेगी, जिसमें रिटायर्ड कर्मचारी, नौजवानों और प्रभावी लोगों को शामिल किया जाएगा। यह कमेटी स्वच्छता का वातावरण बनाएगी और इन्हें साल भर में एक बार सम्मानित भी किया जाएगा। मंत्री ने विदेशों में सफाई का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेश में सड़क पर पैकेट, कचरा आदि फेंकने की आदत नहीं है, एक बच्चा भी टॉपी खाकर रैपर जेब में रख लेता है और डॅस्टबीन दिखने पर उसमें डालता है। अपने यहां घरों का कचरा सड़क पर फेंकने की आदत है। हम लोगों को जागरूक कर सफाई का माहौल बनाएंगे।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि पेट भरने के बाद छत कही चाह सभी की होती है। पिछली सरकार सिर्फ जनहित के काम का दिखावा करती रही। भाजपा सरकार गरीबों के लिए काम कर रही है। 5129 गरीबों को आवास के लिए धन मुहैया कराना इसकी एक कड़ी है। लखनऊ में ढाई लाख में मॉडल आवास बनवाया गया है। मंत्री ने कहा कि यूपी के 52 जिले साफ-सफाई के मामले में पिछड़े हुए हैं। आज क्रांति दिवस है हमें सफाई का संकल्प लेना होगा।
सीएम ने विधायकों से की शौचालय निर्माण में जुटने की अपील
सीएम योगी आदित्यनाथ भी प्रदेश में गंदगी को लेकर काफी गंभीर दिखे। बोले, 100 गंदे शहरों में यूपी के 52 शहर हैं और साफ-सुथरे शहरों की सूची में एक सिर्फ एक शहर है, वह भी 32 वें नंबर पर है। हमें मिलकर इसे सुधारना होगा। सफाई को जन आंदोलन बनाने की बात कहकर अपने विधायकों से अनुरोध किया कि वे शौचालय बनवाने में मदद करें।