फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षाबंधन : राखी बाजार से चायना ब्रांड आउट

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर।
भारत और चीन के बीच आई रिश्तों की तल्खी का असर राखी बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। देश के प्रति वफादारी और प्रेम साबित करने की होड़ सी मची है। लोगों ने चाइना के सामानों का विरोध करना शुरू कर दिया है। इस दायरे में राखी सबसे ऊपर है। चाइना की राखियां इस बार बाजार से पूरी तरह गायब हैं। गोरखपुर में रक्षाबंधन पर 50 से 70 लाख रुपये तक का कारोबार होता था। इसमें चाइना की राखियों की भागीदारी 20 प्रतिशत तक होती थी। इस बार चाइना की राखियां पूरी तरह गायब होने से भारतीय कारोबार के बढ़ने का संभावना है।
राखी का बाजार इस बार पूरी तरह बदला नजर आ रहा है। बाजारों में बच्चों के लिए खास तौर पर राखियां तैयार की गई हैं। बाहुबली, छोटा भीम, गणेश, डोरेमोन का इनमें क्रेज देखा जा रहा है। वहीं बड़ों के लिए स्टोन, रूद्राक्ष, बिंदल, लुंबा मारवाड़ी और राजस्थानी थाली वाली राखियां बाजारों में बिक रही हैं। इनकी कीमत 25 से लेकर 300 रुपये तक है। वहीं 1000 से ल्कर 5000 रुपये तक की चांदी की राखियां भी बाजार में मिल रही हैं। शाहमारुफ में राखियों के दुकानदार आरिफ ने बताया कि सोशल मीडिया पर चाइनीज सामानों के विरोध का असर दिख रहा है। पिछले साल लगभग 15 से 17 लाख रुपये तक चाइनीज राखियां बेची गई थीं। इस बार ये एकदम गायब हैं। रुस्तमपुर के सोनू ने बताया कि दुकानदार से लेकर ग्राहकों की पसंद इस बार इंडियन राखियां हो गई हैं।
विज्ञापन


फेसबुक और व्हाट्सएप वाली राखियां
राखियों से सजी दुकानों पर भी सोशल मीडिया की पहुंच है। इस बार फेसबुक लोगो लगी राखी भी बिक रही है। धागे और काटरून्स वाली राखियों के बीच फेसबुक वाली राखी अलग छाप छोड़ रही है।

बहनों के लिए भी खास राखी
बहनों में अपनी कलाई पर भी राखी बांधने का क्रेज खूब है। इस बार इनके लिए रिंग वाली राखियों की बाजार में धूम है। नए डिजाइन वाली राखी इन्हें खूब भा रही हैं।

चाइनीज राखियों का बहिष्कार
रक्षाबंधन का त्योहार भाई बहन के प्यार का पर्व है। देश की सीमा पर हमारे भाई हमारी सुरक्षा के लिए लड़ते हैं। ऐसे में उनका विरोध करने वालों का सपोर्ट देश की बहनें कैसे करेंगी। इस बार चाइना की राखियों का पूरी तरह बहिष्कार किया गया है।
- जानकी चौधरी

चाइनीज राखी में प्रेम नहीं
इस बार भाई के लिए कस्टमाइज्ड राखी ली है। बच्चों के लिए छोटा भीम और बाहुबली राखियां ली हैं। चाइना की राखियों में वह प्रेम नजर नहीं आता था, जो भारतीय राखियों में है। सिर्फ राखी ही नहीं कोई भी चाइनीज सामान नहीं खरीदूंगी।
- बिट्टू चंद


जीएसटी से रक्षाबंधन की मिठास हुई फीकी
- चीनी और ड्रायफ्रूट्स के दाम बढ़ने से मिठाइयां हुईं महंगी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जीएसटी से इस साल रक्षाबंधन की मिठास भी फीकी हो गई है। चीनी और ड्रायफ्रूट के दाम बढ़ने का असर मिठाइयों के दामों पर साफ नजर आ रहा है।
इस बार बाजार में राखियां तो खूब बिक रही हैं लेकिन मिठाई के बढ़े दाम से लोगों की जेब का दायरा कुछ घट गया है। 200 रुपये तक मिलने वाली मिठाइयां 250 रुपये तक पहुंच गई हैं। मध्य वर्ग के लोगों की पसंदीदा मोतीचूर के लड्डू की कीमत ने भी उछाल भरी है। रुस्तमपुर के दुकानदार राज ने बताया कि जीएसटी के कारण पहले ही मिठाई की कीमतें बढ़ गई थीं। अब त्योहार को देखते हुए ड्रायफ्रूट के थोक बाजार में भाव बढ़ गए हैं, जिससे फुटकर में काजू और बादाम की कीमतों में लगभग 100 रुपये तक की हुई है।

चाकलेट का बढ़ा क्रेज
मिठाई के दाम बढ़ने से बाजार में चाकलेट की डिमांड बढ़ गई है। खासकर बच्चों में इसकी मांग ज्यादा है। खरीददारों का कहना है कि इससे एक तो बच्चों की पसंद की चीज मिल रही है, वहीं जेब पर भी खर्च कम पड़ रहा है।

मिठाइयों के दाम प्रति किलोग्राम (रुपये में)
मिठाई पहले अब
लाल भोग 300 340
काजू बर्फी 800 900
छेना 280 320
मोतीचूर के लड्डू 200 240
पेड़ा 300 360
बतीसा 340 380
सोन पापड़ी 250 280
खोया बर्फी 320 350
कलाकंद 300 360
काजू पिस्ता बर्फी 1000 1200

रक्षाबंधन महूर्त
इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार दिनांक 7 अगस्त 2017 दिन सोमवार में मान्य रहेगा। इस दिन प्रात: 11:05 बजे तक भद्रा रहेगी। शास्त्रों में भद्रा काल में राखी बांधना निषेध माना गया है।
विज्ञापन

इस दिन मकर के चंद्रमा होने के कारण भद्रा का निवास पाताल में रहेगा। शास्त्रानुसार भद्रा का स्वर्ग एवं पाताल में वास शुभ माना गया है। अस्तु भद्रा के कारण राखी बांधना दोष कारक नहीं रहेगा। इस दिन राहुकाल प्रात: 7:30 बजे से 9:00 बजे तक रहेगा। इसी दिन रात्रि में चंद्र ग्रहण होने के कारण इस के सूतक भी दिन में 1:52 बजे से प्रारंभ होंगे। अस्तु प्रात: 9:00 बजे से दोपहर 1:52 बजे तक रक्षा बंधन का त्योहार मनाना शुभ रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें