यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है, रोडवेज को करीब 61 नई बसें इस वित्तीय वर्ष में मिलने वाली हैं। इन बसों के मिलने से यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी। आरएम दफ्तर की ओर से प्रस्ताव बना कर भेजा गया है।
गोरखपुर और बस्ती मंडल के आठ डिपो में रोडवेज की 666 बसों का संचालन करीब 1200 कंडेक्टरों और ड्राइवरों के माध्यम से किया जाता है। इसके बावजूद यात्रियों के दबाव को देखते हुए बसों की तादाद कम है। क्षेत्रीय दफ्तर ने 61 बसों की और मांग मुख्यालय से की है और इसका प्रस्ताव बना कर भेज दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक 15 वातानुकूलित, 16 लोहिया ग्रामीण और 30 साधारण बसों की मांग की गई है, जिन्हें दोनो मंडलों के विभिन्न डिपो में भेजा जाएगा। साधारण सेवा की बसों को इलाहाबाद, बनारस, लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद और दिल्ली रूट पर चलाया जाएगा। वहीं वातानुकूलित बसों का संचालन लखनऊ, बनारस, मथुरा और इलाहाबाद रूट पर किया जाएगा।
इसके अलावा अन्य बसें मूल रूप से गांवों के लिंक मार्गों से जुड़कर विभिन्न शहरों तक जाएंगी। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय ने बताया कि प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने का इंतजार है।
15 फीसदी बढ़ जाएगी आय
बसों के आने से रोडवेज की आय में करीब 15 फीसदी का इजाफा हो जाएगा। अभी रोडवेज को प्रतिदिन करीब 65 से 70 लाख रुपये की आय होती है। क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय के मुताबिक बसों के आने से रोडवेज की आय में बढ़ोतरी होना तय है।
अब बस से भी पटना पहुंच सकेंगे यात्री
बिहार की राजधानी पटना और छपरा तक सीधी बस सेवा शुरू करने के लिए रोडवेज प्रबंधन ने तैयारी पूरी कर ली है। केवल दोनों प्रदेशों के मध्य काउंटर साइन होना बाकी है। इस सुविधा के शुरू होने से होली, दीवाली, छठ पर्व पर बिहार जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। गोरखपुर से पटना समेत विभिन्न क्षेत्रों में जाने के लिए ट्रेन ही मुख्य साधन है। त्योहार के दिनों में ट्रेनों में भीड़भाड़ अधिक होती है और बसों की सुविधा नहीं होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए गोरखपुर में रहने बिहार के कई लोगों ने सीधी बस सेवा शुरू करने की रोडवेज प्रबंधन से मांग की थी, लिहाजा आरएम दफ्तर ने छपरा और पटना तक सीधी बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा, जिस पर मुख्यालय ने परिवहन आयुक्त के माध्यम से बिहार सरकार से बात की। वहां से सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद अब केवल दोनों प्रदेशों के परिवहन आयुक्त के मध्य काउंटर साइन होना शेष रह गया है। आरएम एसके राय ने बताया कि बस संचालन के लिए उनकी तैयारी पूरी है। दोनों प्रदेशों के परिवहन आयुक्त के मध्य जिस दिन करार हो जाएगा। उसी दिन से छपरा और पटना के लिए बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।