मेडिकल कॉलेज में 48 घंटे के भीतर इंसेफेलाइटिस से पीड़ित छह और मरीजों ने दम तोड़ दिया। जनवरी से अब तक बीमारी से 386 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 18 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है।
मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसके रोकथाम के लिए किए जा रहे सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 84 मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेज तक मुकम्मल उपचार की व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज नहीं जा रहे हैं। मरीज सीधे जिला अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं। इससेे मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
पिछले 48 घंटे में गोरखपुर झंगहा के ऋषिकेश (10), बेलीपार के शिवम (7), कुशीनगर, हाटा की मोना (2), सिद्धार्थनगर, लोटन की साधना 3, अहिरौली के आयुष (5), बिहार के अतिश 5 की मौत हो गई। वहीं गोरखपुर के आठ, कुशीनगर के चार, देवरिया के तीन, बिहार के दो, महराजगंज के एक मरीज को भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस के 1508 मरीज उपचार के लिए आ चुके हैं।