नगर निगम की दुकान के आवंटन में छह करोड़ रुपये स्टांप कमी की आशंका जताई जा रही है। एआईजी की 50 दुकानों के आवंटन में स्टांप शुल्क संबंधी जांच में तकरीबन 14 लाख रुपये की कमी की बात सामने आई है।
शहर में नगर निगम की 2100 दुकानें हैं। इन दुकानों में से कई बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही हैं। दरअसल नगर निगम की ओर से दुकानों को 15 साल के लिए आवंटित किया जाता है। 15 साल बाद दुकानों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना होता है। इसके बावजूद कई दुकानों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं कराया गया। रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के समय स्टांप लगाना जरूरी होता है, लेकिन कई दुकानदारों ने नियमानुसार स्टांप जमा नहीं किया। कमिश्नर के निर्देश पर गठित समिति के सदस्यों में से डीआईजी और एआईजी स्टांप राम शंकर सिंह ने नगर निगम की दुकानों के आवंटन और नामांतरण संबंधी 125 फाइलों की जांच की।
इनमें से 65 फाइलें वे अपने साथ लेकर चले गए। जांच के बाद इनमे 14 लाख की स्टांप की कमी पाई गई। इस आधार पर बाकी अन्य दुकानों पर तकरीबन छह करोड़ रुपये की स्टांप कमी की आशंका जताई गई है। साथ ही नगर निगम को इन दुकानों के खिलाफ नोटिस देने का निर्देश दिया गया है।