गोरखपुर। समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (पीएसपी) बनाने वाले शिवपाल यादव और उनके सिपहसालार सपा के किले में सेंधमारी में जुटे हैं। वे पुराने साथियों से संपर्क कर उन्हें पीएसपी से जोड़ने में लगे हैं। कुछ ने आश्वासन दिया है तो कई भविष्य की राह देख रहे हैं। पीएसपी सूत्रों की मानें तो नौ दिसंबर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में आयोजित शिवपाल की रैली में 10 लाख की भीड़ जुटाने का लक्ष्य है। यह रैली पीएसपी का भविष्य तय करेगी। इसमें कई बड़े नेताओं के पार्टी में शामिल होने की भी संभावना है।
पार्टी की मजबूती के लिए शिवपाल यादव लगातार दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में जब वह गोरखपुर पहुंचे तो उन्होंने सपा के कुछ खास नेताओं से संपर्क साधा। इसी का नतीजा है कि मुलायम सरकार में मंत्री रहे जयप्रकाश यादव ने पीएसपी का झंडा उठा लिया। उनके साथ तमाम समर्थक भी आ गए। पूर्व मंत्री जयप्रकाश यादव कहते हैं कि आने वाला समय पीएसपी का है। सपा में तमाम ऐसे नेता हैं जो घुटन महसूस कर रहे हैं। हमारे साथी उनके संपर्क में हैं। वे जल्द ही पार्टी में शामिल हो जाएंगे।
नौतनवां के विधायक अमन मणि ने अभी पीएसपी ज्वाइन तो नहीं किया है पर वह शिवपाल के दौरे में उनके साथ जरूर रहे। ऐसे में कहा जा रहा है कि आने वाले वक्त में वह शिवपाल के साथ ही रहेंगे। पीएसपी सूत्रों का कहना है कि सपा के एक पूर्व विधायक भी शिवपाल के साथ जाने वाले हैं। यही नहीं, एक जाति विशेष में खासा दखल रखने वाले परिवार को पीएसपी में लाने के लिए सपा के एक नेता डोरे डाल रहे हैं। कई चक्र की वार्ता भी हो चुकी है। यह परिवार इससे नाराज है कि सपा में उन्हें महत्व नहीं दिया जा रहा।
पीएसपी से जुड़े नेताओं का कहना है कि कुछ समय बाद सपा में ऐसी भगदड़ मचेगी, जिसकी कल्पना किसी ने न की होगी। सपा के लोग ही पहले यह अफवाह फैला रहे थे कि शिवपाल पार्टी नहीं बनाएंगे पर पार्टी बन गई। अब लोग तेजी से इससे जुड़ रहे हैं। उनके नेता जहां जा रहे हैं उनके स्वागत में भीड़ उमड़ रही है। लखनऊ की रैली यह बता देगी कि कौन, किसके साथ है।