गोरखपुर। लखनऊ यूनिवर्सिटी में कुलपति समेत अन्य अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी से भी पुलिस-प्रशासन ने सबक नहीं लिया। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में स्नातक प्रवेश में छात्रनेताओं के हंगामे के प्रति पहले ही आगाह करने के बाद भी पर्याप्त फोर्स नहीं दी गई। सिर्फ तीन सिपाही पहुंचे थे। वहीं अपने परिचितों को पहले प्रवेश दिलाने को लेकर दबाव बना रहे छात्रनेताओं की मुख्य अभियंता प्रो. गोपाल प्रसाद से धक्कामुक्की भी हुई।
यूनिवर्सिटी में प्रवेश सात जुलाई से शुरू हुआ है, जबकि पर्याप्त सुरक्षा के लिए छह जुलाई को ही मुख्य नियंता ने एसपी सिटी को पत्र लिखकर फोर्स मांगी थी। पत्र में छात्रनेताओं के हंगामा की आशंका भी जगाई गई थी। रविवार को बीए व बीकॉम के प्रवेश के लिए भीड़ ज्यादा थी। इसी बीच कई छात्रनेता पहुंच गए और दीक्षाभवन के प्रवेश द्वार पर ही समर्थकों के साथ पर्ची बांटने लगे। कुछ जल्द प्रवेश का दबाव बनाने लगे और हंगामा करने लगे। आरोप है कि उन्होंने प्रवेश परीक्षा समन्वयक के साथ भी बदसलूकी की। बाद में मुख्य निंयता से भी उलझ गए। मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने बताया कि सोमवार को एसपी को पत्र लिखकर और फोर्स की मांग करेंगे।