बारिश से भिंडी का बीज उत्पादन होगा प्रभावित
- चार एकड़ क्षेत्रफल में बीज उत्पादन के लिए बोई गई है भिंडी की फसल
- 7.50 कुंतल बीज उत्पादित होने की उम्मीद
- उत्पादित बीज बस्ती के बीज विधायन केंद्र को भेजा जाता है
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अमर उजाला ब्यूरो
कसया। राजकीय आलू परिक्षेत्र केंद्र कसया में भिंडी के बीज उत्पादन के लिए चार एकड़ में की गई खेती लगातार तीन दिन से हो रही बारिश के चलते प्रभावित हो गई है। बीज उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से उद्यान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं।
राजकीय आलू परिक्षेत्र केंद्र कसया में उद्यान विभाग की तरफ से भिंडी के बीज उत्पादन के लिए प्रत्येक वर्ष खेती की जाती है। इस वर्ष भी 15 से 20 मार्च तक भिंडी के बीज उत्पादन के लिए वीआरओ-6 प्रजाति की भिंडी की बुवाई की गई है। अच्छी गुणवत्तायुक्त भिंडी के बीज उत्पादन के लिए समय-समय पर सिंचाई समेत अन्य जरूरी उपाय भी किए गए थे, लेकिन रविवार की भोर से लेकर सोमवार तक हुई बारिश के चलते भिंडी की फलियां भींगकर फूल गई हैं। इससे बीज उत्पादित करना काफी मुश्किल है।
विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि केंद्र पर भिंडी की बुवाई के लिए लखनऊ से 60 किलोग्राम बीज आया था। जिसकी बुवाई की गई थी। एक हेक्टेयर में 20 किलोग्राम बीज की बुवाई के लिए जरूरत होती है। प्रभावित फसल में लगभग 30 किलोग्राम बीज बुवाई के लिए उपयोग किया गया है। बारिश होने के चलते अब फसल की कटाई और उसकी मड़ाई कराना मुश्किल होगा। वहीं बीज उत्पादन भी बहुत कम होगा। अगर मौसम साफ हुआ तो कुछ उम्मीद की जा सकती है। उद्यान निरीक्षक पत्रिका सिंह ने बताया कि केंद्र से बीज उत्पादित कर बस्ती बीज विधायन केंद्र के भेज दिया जाता है। जहां पर बीज को प्रसंस्कृत किया जाता है। बीज उत्पादन में एफ-1, एफ-2 और एफ-3 कटेगरी है। अगर एफ-1 बीज प्राप्त होता है तो एफ-2 का उत्पादन होगा। एफ-3 दुकानों पर विक्रय के लिए भेज दिया जाता है।
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7.50 कुंतल बीज उत्पादन हुआ प्रभावित
उद्यान निरीक्षक पत्रिका सिंह ने बताया कि भिंडी के बीज उत्पादन के लिए लगी फसल का बीज विधायन केंद्र बस्ती और अन्य केंद्रों के कृषि वैज्ञानिकों की तरफ से दौरा किया जाता है। इस वर्ष उम्मीद थी कि यहां से लगभग 7.50 कुंतल बीज उत्पादित होगा, लेकिन बारिश ने उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।