गोरखपुर।दो साल से बनकर तैयार पूर्वांचल संग्रहालय को अब लोगों के लिए खोला जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर में मौजूद इस संग्रहालय का कुलपति प्रो. वीके सिंह विधिवत उद्घाटन करेंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी ने पूर्वांचल की ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने के लिए इस संग्रहालय की रूपरेखा तैयार की थी। देवरिया के तत्कालीन सांसद मोहन सिंह ने अपनी निधि से इसके निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये उपलब्ध कराए थे। उनके निधन के बाद बेटी सांसद कनकलता सिंह की देखरेख में काम पूरा हुआ।
14 मई 2016 को पूर्व सांसद डिंपल यादव और जया बच्चन ने सांसद कनकलता सिंह की मौजूदगी में संग्रहालय का शुभारंभ किया। तब से प्राचीन इतिहास विभाग के शिक्षक प्रो. राजवंत राव धरोहरों की देखरेख कर रहे हैं।
संग्रहालय में हैं ये धरोहरें
संग्रहालय में कुषाण कालीन ईंट, दुलर्भ मूर्तियों के अवशेष, मौर्य कालीन हांडी, शुंग काल की पशु के मुख की आकृति समेत पूर्वांचल की 37 पुरातात्विक धरोहरों को संग्रहालय में स्थान दिया गया है।