एमपी इंटर कॉलेज में कार्यक्रम को संबोधित करते उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद रावत।
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महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह का उद्घाटन करने के बाद सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी की कमान संभाली थी तो प्रदेश के हालात बहुत खराब थे। योगी के सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन सिर्फ आठ महीनों में ही उन्होंने सड़कों के ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन के भी गड्ढे भरे।
उन्होंने कहा कि गुंडे यूपी छोड़कर भाग गए और सरकारी दफ्तरों में काम-काज के तरीके में भी बदलाव आया है। भ्रष्टाचार पर रोक लगी और अब जनता की सुनी जाती है। योगी की सख्ती की वजह से जिस तरह से गुंडे, यूपी छोड़कर भाग रहे हैं, वैसे ही मुझे भी उत्तराखंड की पुलिस को सतर्क करना पड़ा। यूपी से भागे गुंडे उत्तराखंड को शांत पाकर वहां न शरण लें, इस लिए वहां की पुलिस को अब चौकन्ना रहना पड़ता है। रावत ने यूपी को बड़ा और उत्तराखंड को छोटा भाई बताया। वह और योगी साथ मिलकर विकास को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
तकनीकी शिक्षा जरूरी
तकनीकी शिक्षा पर जोर देते हुए उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि शिक्षक और बच्चों के बीच के गैप को भरने की जरूरत है। ऐसी शिक्षा देने की जरूरत है, जो बच्चों को हुनरमंद बनाए। रोजगार दिलाने में मदद करेे। शिक्षा पहली प्राथमिकता है, लेकिन वह केवल किताबी ज्ञान नहीं है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गोरक्षपीठ की बड़ी भूमिका की प्रशंसा की और कहा कि 1932 में स्थापित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की 45 संस्थाओं में अब 50 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
योगी से मेरी तुलना नहीं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ के जन्म स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि इस वक्त पौड़ी से दो-दो मुख्यमंत्री हैं, लेकिन योगी से उनकी कोई तुलना नहीं है। उन्होंने 22 साल से लोककल्याण के लिए परिवार त्याग दिया। वह देश के कल्याण के लिए हैं, मैं राज्य के कल्याण के लिए।
रावत ने उत्तराखंड बुलाया
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर्यटन के बढ़ावे की बात नहीं भूले। उन्होंने अपने संबोधन के आखिरी में उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए सभी को घूमने और दर्शन के लिए आने की अपील की।