गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने कहा कि रेल हादसों को कम करना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए ब्लॉक लेकर ट्रैक का मेंटेनेंस किया जा रहा है। इसे फरवरी 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है। मानव रहित रेलवे क्रांसिंग सितंबर 2018 तक मानवयुक्त कर लिए जाएंगे। तब तक इन क्रॉसिंग पर दो-दो गेटमैन तैनात किए जाएंगे। गेटमैन की तैनाती एक महीने में कर ली जाएगी। इसके अलावा गोरखपुर, लखनऊ और छपरा स्टेशनों पर एक वर्ष के भीतर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम लगा दिए जाएंगे। इससे स्टेशन परिसर में जाने वाली सभी गाड़ियों की चेकिंग हो सकेगी।
महाप्रबंधक मंगलवार को अपने सभागार में पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर प्लानिंग की जानकारी दी। कहा कि वर्ष 2017-18 में 50 किमी लंबी नई लाइनें, 300 किमी आमान परिवर्तन, 150 किमी दोहरीकरण और 225 किमी विद्युतीकरण कार्य किए जाएंगे। लाइन स्टाफ की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए 210 ट्रेनों में आरपीएफ और जीआरपी की स्कॉट में ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे में कार्यरत महिला स्टाफ के लिए अलग रेस्ट रूम बनेगा। रेस्टरूम में टॉयलेट अटैच रहेगा। पायलट प्रोजेक्ट में अभी बड़े स्टेशनों पर ही यह सुविधा मिलेगी। बाद में सभी स्टेशन पर रेस्ट रूम बनाए जाएंगे।
लिफ्ट में फंसे तो आएगा मैसेज
रेलवे स्टेशनों पर लगे लिफ्ट के बीच में ही बंद हो जाने से यात्रियों के फंसने के मामले में महाप्रबंधक ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि अगर लिफ्ट स्वत: बंद हो गया तो स्टेशन प्रबंधक और संबंधित विभाग के अधिकारियों के पास मैसेज आ जाए, ताकि तत्काल मैकेनिक भेजकर फाल्ट ठीक कराया जा सके।
प्लेटफॉर्म नौ पर बनेगा एसी लाउंज
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नौ पर एसी लाउंज बनेगा। इसके लिए टेंडर हो गया है। तीन एफओबी (फुट ओवरब्रिज) में बीच के एफओबी को सर्कुलेर्टिंग एरिया में उतारा जाएगा, ताकि यात्री बाहर से ही एफओबी के रास्ते प्लेटफॉर्म पर पहुंच सके। इसका निर्माण शीघ्र कराया जाएगा।
बडे़ स्टेशनों पर चूहे मारने का ठेका
महाप्रबंधक ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के सभी बड़े स्टेशनों पर चूहों को मारने के लिए ठेका दिया गया है। टर्मिनेट वाले स्टेशन पर ट्रेन के पेंट्रीकार को खाली कराकर धुलाई कराई जाएगी।
बायोमीट्रिक हाजिरी में देरी की जांच होगी
महाप्रबंधक ने पूर्वोत्तर रेलवे में डेढ़ साल पहले मशीनें लगाने के बाद भी बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू न होने पर जांच का निर्देश दिया है। कहा कि अधिकारियों ने बताया है कि रेलकर्मियों के आधार नंबर उपलब्ध न होने से देरी हुई है। लेकिन आधार नंबर जुटाने में देरी करने वालों की जवाबदेही तय होगी और जल्द इस व्यवस्था को लागू कराएंगे।
गिनाईं उपलब्धियां
- गोरखपुर, छपरा व लखनऊ में लगी इंटीग्रेटेड सुरक्षा प्रणाली
- गोरखपुर, बरेली सिटी, लखनऊ सिटी पर सेकेंड इंट्री गेट
- छह स्टेशनों पर 18 एस्केलेटर लगाए गए
- 170 स्टेशनों पर एलईडी लाइटें लगाई गईं
- कैशलेस रिजर्वेशन के लिए 461 पीओएस मशीनें लगीं
- 19 स्टेशनों पर कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए गए
- 4 स्टेशनों पर ऑनलाइन आरक्षण चार्ट डिस्पले लगे
- 14 स्टेशनों पर 45 वाटर वेंडिंग मशीनें लगाई गईं
- 10 फुट ओवरब्रिज बनाए गए