गोरखपुर।
आरक्षण की मांग को लेकर निषाद समाज के लोगों ने निर्बल इंडिया शोषित हमारा आम दल के बैनर तले शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कौवाबाग रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक जाम कर शहीद एक्सप्रेस को रोक दिया। करीब पंद्रह मिनट तक ट्रेन रुकी रही। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने नौतनवां पैसेंजर को भी रोक दिया। रेलवे ट्रैक पर लेटकर ट्रेनें रोके जाने की सूचना पाते ही एसपी सिटी विनय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और बल प्रयोग करके प्रदर्शनकारियों को ट्रैक से हटाया। इस दौरान लाठियां भी भांजी गईं। पुलिस ने यहां से 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया। रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ ) ने केस दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
शनिवार को नगर निगम के लक्ष्मी बाई पार्क में आरक्षण को लेकर निषाद समाज का प्रदर्शन प्रस्तावित था। बड़ी संख्या में एकत्रित महिला-पुरुष यहां से अलग-अलग समूह में रेलवे स्टेशन की ओर निकले। यहां पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध प्रकाश ने पहले ही भारी फोर्स लगा दी थी। प्रदर्शनकारी ट्रैक जाम करते, इससे पहले ही पुलिस ने सबको हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस लाइन ले जाया गया। प्रदर्शन पर काबू पाने को लेकर पीठ थपथपा रही पुलिस की मुश्किल तब और बढ़ गई, जब पता चला कि 100 लोग कौवाबाग रेलवे क्रासिंग पर पहुंच गए हैं और ट्रैक जाम करके ट्रेनें भी रोक दीं हैं। इस सूचना पर पुलिस दौड़ पड़ी और लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक से हटाया। पुलिस ने यहां से भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेजा। देरशाम तक हिरासत में रखने के बाद सभी प्रदर्शनकारियों को निजी मुचलके पर छोड़ा दिया गया।
एसएसपी आवास भी पहुंचे प्रदर्शनकारी, हड़कंप
दोपहर तीन बजे के करीब प्रदर्शनकारी एसएसपी आवास पहुंच गए। इससे हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। बिना अनुमति एसएसपी दफ्तर पहुंचे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा गया। इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने डीएम दफ्तर, आवास और एसएसपी दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी।
रात भर पुलिस हिरासत में निषाद पार्टी के बड़े नेता
प्रदर्शन को असफल करने के लिए पुलिस ने पूरी योजना बना ली थी। शुक्रवार की देर रात तक पुलिस ने छापेमारी कर बड़े नेताओं को कस्टडी में ले लिया था। पीपीगंज थाने में निर्बल इंडिया शोषित हमारा आम दल के राष्ट्रीय संरक्षक मुरलीधर निषाद, उनके बेटे युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव आशीष, प्रदेश अध्यक्ष निषाद पार्टी रवींद्र मणि निषाद, पार्टी से चुनाव लड़ चुके संजय निषाद, युवा मोर्चा के दिनेश निषाद को नजर बंद कर दिया गया था। पुलिस ने संजय निषाद के बेटे और उसके साथियों को भी हिरासत में लिया है।
100 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने बुजुर्ग महिला-पुरुष को अलग कर घर छुड़वाने की व्यवस्था की। सबके नाम, पते दर्ज कराए और गांव तक छुड़वाने का इंतजाम कराया। शांतिभंग में चालान करके सबसे निजी मुचलका भरवाया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर केएन तिवारी ने बताया कि ट्रैक जाम करने के मामले में रेलवे एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। सरकारी कामकाज में बाधा डालना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। रेलवे ट्रैक जाम करने वाले करीब 100 लोगों को नामजद किया गया।
कई जिलों से आए प्रदर्शनकारी
निषाद समाज के लोगों को दूसरे जिले से भी बुलाया गया था। पुलिस ने इलाहाबाद, सुल्तानपुर, वाराणसी के लोगों को भी पकड़ा है। सभी रात में ही बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन से उठा लिए गए थे।
रेलवे ट्रैक जाम करने वालों को हिरासत में लिया गया था। सबको पुलिस लाइन में रखा गया, फिर मुचलका भरवाकर छोड़ दिया गया। पुलिस पहले से अलर्ट थी। कुछ नेताओं को पहले ही हिरासत में लिया गया था। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
: सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी