गोरखपुर।
पत्नी की मौत के बाद से ही आरोपों में घिरे डॉ. सुभाष शर्मा की रात थाने में ही कटी। गुरुवार को थाने पहुंचीं पत्नी शोभा की मां रसूला देवी ने दामाद को निर्दोष बताया, मगर पुलिस को लिखित नहीं दिया, जिस वजह से डॉक्टर अभी पुलिस हिरासत में ही हैं। इंस्पेक्टर घनश्याम तिवारी ने बताया कि मां ने मौखिक बयान दिया है। लिखा-पढ़ी के बाद डॉक्टर को छोड़ दिया जाएगा। थाने पर मां रसूला देवी ने बेटी गंगा पर गंभीर आरोप लगाए। बोली, बेटी के खिलाफ ही केस दर्ज कराऊंगी। केस के लिए वह एसएसपी से मुलाकात करने उनके आवास भी पहुंच गई, मगर सीएम के कार्यक्रम में होने की वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।
बुधवार की दोपहर डॉ. सुभाष प्रजापति की पत्नी शोभा ने बड़ी बेटी एंजला के साथ फंदे से लटकर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद ही घटनास्थल पर पहुंची बहन गंगा प्रजापति ने डॉक्टर पर ही आत्महत्या को उकसाने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगी। उनके आरोपों को देखते हुए ही पुलिस ने डॉक्टर व उनके पिता जवाहर लाल को हिरासत में ले लिया था। गुरुवार की सुबह थाने पहुंची बहन गंगा ने पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाते हुए तहरीर भी दे दी। मगर पुलिस उसकी तहरीर पर कोई ध्यान नहीं दी है क्योंकि पुलिस का कहना है कि उसका मृतका से संबंध ठीक नहीं था। गुरुवार को भी पुलिस डॉक्टर को कस्टडी में ही रखा। पुलिस ने ससुर को मुखाग्नि के लिए छोड़ा है।
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ससुर ने दी मुखाग्नि
भटहट में पोती और बहू को ससुर जवाहर प्रसाद ने मुखाग्नि दी। शव के घर पर पहुंचते ही कोहराम मच गया। एक साथ दो चिताएं देखकर सबका दिल पसीज गया। सभी इस अनहोनी पर आंसू बहा रहे थे।
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शव को लेकर भी झड़प
पोस्टमार्टम हाउस पर शव को लेकर भी बवाल हुआ। वहां पर पहुंची गंगा शव को ससुर को सौंपे जाने का विरोध कर रही थी। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर शव ससुर को सौंपा और फिर भटहट में अंत्येष्टि कराई गई।