गोरखपुर।
प्रदेश सरकार की ओर से 10 हजार रुपये मानदेय तय किए जाने के विरोध में गुरुवार को शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न होकर बीएसए दफ्तर पर प्रदर्शन के बाद घेराव किया। हाथ में काली पट्टी बांधकर बड़ी संख्या में महिला शिक्षामित्र भी प्रदर्शन में शामिल हुईं और सरकार से मानदेय देने के फैसले को वापस लेकर सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित कराने की मांग की।
संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष गदाधर दुबे ने कहा कि शिक्षामित्र संघ के नेताओं के साथ मुख्यमंत्री व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत हुई थी। उस वार्ता के बिंदुओं को दरकिनार करते हुए 10 हजार का मानदेय घोषित करना सरकार के अहंकारी रवैये और निरंकुशता का प्रमाण है। अजय सिंह ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन देते हुए एनसीटीई के पैरा चार में परिवर्तन कर प्रदेश सरकार 1.72 लाख शिक्षामित्रों के परिवार की आजीविका सुनिश्चित करे। धरने में पहुंचे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बलराम त्रिपाठी ने कहा कि संघ शिक्षामित्रों की पीड़ा महसूस करता है और आंदोलन का समर्थन करता है।
इस अवसर पर अल्पना राय, मेनका पांडेय, सीमा, विजय लक्ष्मी, रजनी सिंह, संगीता, वंदना, अनीता, प्रतिभा, अर्चना, कुसुम, रीमा, अनुपमा पांडेय, रामनगीना, अविनाश, अशोक चंद्रा, हुकुमचंद चौहान, संजय यादव, अजय चंद, लालधर निषाद आदि मौजूद रहे।