गोरखपुर। कलेक्ट्रेट परिसर को धरनास्थल के रूप में खत्म कर नगर निगम स्थित पार्क को धरनास्थल बनाया जाना निगम के कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शुक्रवार को न सिर्फ उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी, बल्कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने वाले और टैक्स जमा करने पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
डीएम ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन पर रोक लगाते हुए नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क को धरनास्थल बना दिया है, जहां दोपहर के वक्त नगर निगम के कर्मचारी अपना समय गुजारते हैं। शुक्रवार को पार्क में शिक्षामित्रों का धरना तय था। जानकारी के बाद काफी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गई। यहां तक आईजी मोहित अग्रवाल भी पहुंचे और कलेक्ट्रेट के सामने नगर निगम गेट पर ताला लगा दिया। मुख्य गेट से ही लोगों की एंट्री रखी गई। निगम परिसर में आने वाले हर शख्स की पुलिस जांच के बाद ही प्रवेश दे रही थी। इस दौरान संविदा पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को गेट पर ही रोक दिया गया, क्योंकि उनके पास आईकार्ड नहीं थे। उनकी गाड़ियां तक जब्त कर ली गईं। इसके बाद नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आरिफ सिद्दीकी ने आपत्ति जताई, तब जाकर गाड़ियां छोड़ी गईं। आरिफ सिद्दीकी ने कहा कि नगर निगम के पार्क को धरनास्थल बनाने से कर्मचारियों में काफी रोष है। नगर आयुक्त से भी इस संबंध में आपत्ति जताई गई है।