अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बाकी बची पांच कालोनियां भी दो महीने के भीतर नगर निगम को हैंडओवर कर दी जाएंगी। प्राधिकरण ने इन कालोनियों में बिजली, पानी, सड़क और सीवर से जुड़ी समस्याओं को दुरुस्त कराने के लिए टेंडर निकाल दिया है। अगले सप्ताह से काम भी शुरू हो जाएगा। इनमें आम्रपाली आवासीय योजना, बुद्ध विहार व्यवसायिक योजना, बुद्ध विहार आवासीय योजना ए, बी, सी, लेक व्यू आवासीय योजना, और शास्त्रीपुरम विस्तार आवासीय योजना शामिल है।
उधर जीडीए उपाध्यक्ष ओएन सिंह ने बुधवार को सिद्धार्थपुरम और ललितपुरम कालोनियों का निरीक्षण कर वहां की समस्याएं देखी। उपाध्यक्ष नकहा भी निरीक्षण करने पहुंचे। वहां नाला और सड़क बनाया जाना है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मौके पर नाले का निर्माण शुरू हो गया है। जल्द ही सड़क का भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दो महीने के भीतर ही जो कालोनियां हैंडओवर नहीं हो पाई, उनकी भी खामियां दूर कर उन्हें निगम को सौंप दिया जाएगा।
बता दें कि जीडीए की 11 कालोनियां पिछले एक दशक से अधिक समय से नगर निगम को हैंडओवर न हो पाने से अवैध बनी हुई थी। इन कालोनियों की कई सड़कें और नालियां टूट र्गइं थी तो पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इन खामियों की ही वजह से नगर निगम इसे लेने से इनकार कर रहा था। जीडीए ने चार कालोनियों की खामियां पूरी तरह दुरुस्त कराकर उसे निगम को सौंप दी है । ये कालोनियां सिद्धार्थ एन्क्लेव आवासीय योजना, सिद्धार्थ एन्क्लेव विस्तार आवासीय योजना, ललितापुरम और ललितापुरम आवासीय योजना पार्ट ए व बी है।
इसी तरह दो कालोनियां इस शर्त पर निगम को हैंडओवर की गई हैं कि जल्द ही वहां व्याप्त समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। इन कालोनियों में सिद्धार्थपुरम आवासीय योजना और राप्तीनगर द्वितीय चरण आवासीय योजना शामिल है।