कामकाज में घोर लापरवाही बरतने और आदेशों का पालन नहीं करने पर जिले के 50 आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त हो सककी तलवार लटक रही है। तीन की सेवा समाप्ति के लिए डीएम के पास पत्रावली भेज दी गई है।
बच्चों और गर्भधात्री महिलाओं के पालन-पोषण के लिए जिले में करीब 1800 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब 3600 महिला कार्यकर्ता काम कर रही हैं। करीब 50 महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अधिकारियों के आदेशों का अनुपालन नहीं करने और लापरवाही बरतने के आरोप में सेवाएं समाप्त होने की तलवार लटक रही है। इन पर आरोप है कि केंद्र पर समय से नहीं पहुंचती हैं। किसी तरह की रिपोर्ट मांगने पर समय से उपलब्ध नहीं कराती हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी काफी बिलंब से पहुंचती हैं। इस वजह से सरकार की योजनाओं का लाभ गर्भधात्री महिलाओं और बच्चों को नहीं मिल पाता है।
बहरहाल इन आरोपों के साथ चार आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त की जा चुकी है और तीन की फाइल को अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा गया। जबकि 43 आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्रावलियों को तैयार किया जा रहा है। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ।
- 50 आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं को चिह्नित किया गया है। इनमें से चार की सेवा समाप्त की जा चुकी है। तीन की फाइल जिलाधिकारी के पास भेज दी गई है।
हेमंत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी