गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में आए दिन गार्ड और तीमारदारों के बीच टकराव को रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन ने बाहरी गाड़ियों का परिसर में प्रवेश बंद करने का फैसला किया है। डॉक्टरों की स्टीकर लगीं गाड़ियां भी सिर्फ इमरजेंसी वार्ड तक ही जा सकेंगी। एंबुलेंस और गंभीर मरीज के साथ आए प्राइवेट वाहन को मरीज को छोड़ने के बाद तुरंत पार्किंग में जाना होगा। वाहनों को रोकने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार और इंसेफेलाइटिस वार्ड की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की जाएगी।
यह फैसला मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बीते दिनों इमरजेंसी वार्ड के सामने गाड़ी खड़ी करने के लिए गार्डों और मरीज के तीमारदारों के बीच मारपीट जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए किया है। वहीं एक मरीज के साथ परिसर में दो ही तीमारदारों को भी अनुमति देने का फैसला किया गया है। इस फैसले के पालन के लिए प्रशासन ने डॉक्टरों को नसीहत दी है। साथ ही परिसर में बड़े फ्लैक्स लगाकर लोगों से भी नियम मानने की अपील की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की गाड़ियां बैरिकेडिंग के पार जा सकेंगी। इसके लिए बाकायदा उनके लिए विशेष बैच बनेगा। गाड़ी पर स्टिकर लगाया जाएगा। लेकिन उन्हें भी गाड़ी पूरे परिसर में ले जाने की छूट नहीं होगी। इमरजेंसी के सामने पार्किंग में गाड़ी खड़ी वार्ड में पैदल जाना होगा।
मेडिकल कॉलेज की छवि खराब न हो इसके लिए सुरक्षा के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैरियर लगाकर वाहनों का अनाधिकृत प्रवेश रोका जाएगा। डॉक्टरों को भी नियम का पालन करना होगा।
डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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