गोरखपुर। वन विभाग की तरफ से शनिवार को पूरे प्रदेश में आपरेशन ‘क्रेक ट्री एंड वाइल्ड लाइफ क्राइम’ चलाया गया। जिले में आपरेशन को इतना गोपनीय रखा गया कि स्थानीय अधिकारियों को आधी रात में अचानक इसकी जानकारी मिली। उसके तहत वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए रात से 12 घंटे तक प्रदेश के 5000 अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक लाख किलोमीटर की दूरी पैदल और वाहनों से तय की। पूरे प्रदेश में चार स्निफर कुत्ते भी इस अभियान में शामिल किए गए थे।
मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल कार्यालय में लखनऊ से अभियान में शामिल होने आए प्रधान मुख्य वन संरक्षक व वन विभागाध्यक्ष पवन कुमार ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि वनों की अवैध कटान, वन्य जीव अपराध पर अंकुश और आरा मशीनों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पहली बार प्रदेश में इतने व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर रात्रि गश्त की गई। इसमें वन रक्षक से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक तक गश्त में निकले। अभियान में मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर हेमंत कुमार, मुख्य वन संरक्षक लखनऊ अनुपम गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक रमेश पांडेय, दुधवा, मुख्य वन संरक्षक कैम्पा सुनील दूबे, चिड़ियाघर के निदेशक एनके जानू समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इन पर की गई कार्रवाई
शनिवार की रात आठ बजे से रविवार आठ बजे तक अभियान चलाया गया। आम, सागौन, शीशम, महुआ की लकड़ी, कोयला आदि लघु खनिज लदे कई ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रालियां पकड़ी गईं। चालकों से पूछताछ की जा रही है। पांच आरा मशीनों से बरामद और आठ स्थानों पर निजी डिपो में रखी लकड़ियों की जांच जारी है। रामपुर और फिरोजाबाद में 90 तोते मुक्त कराए गए। एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
इन जिलों में चला अभियान
गोरखपुर, सहारनपुर, रामपुर, इलाहाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, बाराबंकी, सीतापुर, दक्षिणी खीरी, पीलीभीत, कौशांबी, सोहगीबरवा, देवरिया, जौलान, गाजीपुर, सिद्धार्थनगर, मिर्जापुर, कुशीनगर, चंबल, कासगंज, हाथरस, लखनऊ, आजमगढ़।